आगरा। हज यात्रा 2026 को लेकर शहर में रूहानी माहौल के बीच तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्ष जनपद से कुल 473 हज यात्री पवित्र सफर पर रवाना होंगे, जिनमें 190 शहरी क्षेत्र और 283 ग्रामीण क्षेत्रों से शामिल हैं। हज यात्रियों को बेहतर मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से रविवार को एक भव्य ट्रेनिंग कैम्प का आयोजन किया गया।

गुलामाने सहाबा व अहले बैत (रजि.) एवं जहाँआरा जामा मस्जिद ट्रस्ट (रजि.) की ओर से आयोजित तीसरा सालाना हज ट्रेनिंग कैम्प 2026 का आयोजन शाही जामा मस्जिद, आगरा में दोपहर 12 बजे से नमाज़-ए-असर तक हुआ। कैम्प में बड़ी संख्या में हाजियों ने हिस्सा लेकर हज से जुड़ी अहम जानकारी हासिल की।

इस अवसर पर उलेमा-ए-किराम ने हज के अरकान, जरूरी मसाइल और अमली तरबियत पर विस्तार से रोशनी डाली।
हज़रत अल्लामा मुफ़्ती सुलेमान मंज़री ने कहा कि हज एक मुकम्मल इबादत है, जिसमें नीयत की पाकीज़गी और सुन्नत के मुताबिक अमल जरूरी है।
मौलाना मुफ़्ती कमरुद्दीन सकाफ़ी ने हज को सब्र और अख़लाक का इम्तिहान बताते हुए भाईचारा बनाए रखने की नसीहत दी।
जनाब तौफीक अहमद ने हाजियों को प्रशासनिक नियमों और समय-सारिणी का पालन करने की सलाह दी।
जनाब मोहम्मद जावेद ने हज को इंसान की जिंदगी बदलने वाला रूहानी सफर बताते हुए इबादत और दुआ पर ध्यान देने की अपील की।
कार्यक्रम की सफलता में कई कार्यकर्ताओं ने अहम भूमिका निभाई। अहमद रज़ा (अध्यक्ष,) जीशान अहमद( सचिव,) मुहम्मद शोएब अशरफी, मुहम्मद शकील, मुहम्मद अमीन, मुहम्मद रईस, कामरान अजहरी, मुहम्मद दिलशाद, मुहम्मद बिलाल, मुहम्मद शकील, सद्दाम हुसैन और मुहम्मद रिजवान , मौलाना अल्तमश रहमानी ने पूरी व्यवस्था को बेहतरीन तरीके से संभाला, जिसके चलते कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हुआ।
अंत में दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ और सभी हाजियों के लिए हज की कुबूलियत की दुआ की गई।

