लखनऊ। प्रदेश में निश्शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई एक्ट) के तहत निजी स्कूलों में अब तक 1.52 लाख से अधिक बच्चों के दाखिले पूरे हो चुके हैं, जबकि 43 हजार से ज्यादा बच्चे अभी भी प्रवेश से वंचित हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया लगातार जारी है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक इस सत्र में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने आवेदन किए थे, जिनमें से अधिकांश बच्चों को स्कूल आवंटित कर प्रवेश दिलाया जा चुका है। हालांकि अब भी हजारों बच्चों का दाखिला लंबित है। इसके पीछे कई स्कूलों द्वारा प्रवेश में देरी, दस्तावेजों की कमी और अभिभावकों के समय पर स्कूल न पहुंच पाने जैसी समस्याएं बताई जा रही हैं।
शासन स्तर से अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लंबित बच्चों का प्रवेश जल्द से जल्द सुनिश्चित कराया जाए, ताकि कोई भी पात्र बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे। जिला स्तरीय अधिकारियों को निजी स्कूलों के साथ समन्वय बनाकर प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
आरटीई एक्ट के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और वंचित समूह के बच्चों के लिए आरक्षित होती हैं। सरकार का उद्देश्य सभी बच्चों को समान शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराना है।

