आगरा। देश की आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रख्यात शायर और “इंकलाब जिंदाबाद” का नारा बुलंद करने वाले मौलाना हसरत मोहानी की विरासत आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। बहुत कम लोग जानते हैं कि आगरा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी का संबंध इसी गौरवशाली परिवार से है।
जानकारी के अनुसार, सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी, मौलाना हसरत मोहानी के नवासे (नाती) हैं। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय जैदी अपने सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, संघर्षशील छवि और कांग्रेस की विचारधारा के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं।
कांग्रेस से जुड़े वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का कहना है कि जैदी साहब हमेशा कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शक की भूमिका निभाते रहे हैं। उन्होंने नई पीढ़ी को संगठन की विचारधारा, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसेवा के प्रति समर्पण का संदेश दिया है। उनके व्यक्तित्व में स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्यों और हसरत मोहानी की वैचारिक विरासत की झलक दिखाई देती है।
बताया जाता है कि यह परिवार स्वतंत्रता आंदोलन के समय से ही कांग्रेस की विचारधारा से जुड़ा रहा है। जनसेवा, सामाजिक सरोकार और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी कायम है।
राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि हसरत मोहानी जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी की विरासत से जुड़े सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी का आगरा में सक्रिय होना शहर के लिए गर्व का विषय है। उनके अनुभव, सरल स्वभाव और संघर्षशील व्यक्तित्व से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लगातार प्रेरणा मिलती रही है।

