नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और NEET पेपर लीक के मुद्दे को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लोकसभा में सवाल उठाते हुए कहा कि “पुलिस को बेटियों के कपड़े फाड़ने का अधिकार किसने दिया?”
लोकसभा में कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष की मांग स्पष्ट है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें। इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार पिछले तीन दिनों से लगातार NEET पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से बच रहा है।
इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई, पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध दर्ज कराया।
लगातार हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होने के एक मिनट बाद ही स्थगित कर दी गई। दोपहर 12 बजे सदन दोबारा शुरू हुआ, लेकिन करीब पांच मिनट बाद फिर से दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा। वहीं, राज्यसभा की कार्यवाही भी दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
विपक्ष का कहना है कि छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए, जबकि सरकार चर्चा के लिए तैयार होने की बात दोहरा रही है। इससे संसद के मानसून सत्र के शुरुआती दिनों में गतिरोध लगातार बना हुआ है।

