लखनऊ। प्रदेश के सभी पीएमश्री विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे अब रोजाना दो दैनिक समाचार पत्र पढ़ेंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को देश-दुनिया में हो रही घटनाओं से परिचित कराने के साथ उनकी भाषा, पठन क्षमता और सामान्य ज्ञान को बेहतर बनाना है। समाचार पत्रों के माध्यम से बच्चों में सवाल पूछने, विषयों को समझने और अपने विचार व्यक्त करने की क्षमता भी विकसित की जाएगी।
समग्र शिक्षा परियोजना कार्यालय की ओर से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा गया है कि विद्यालयों में विद्यार्थियों के उपयोग के लिए प्रतिदिन दो दैनिक समाचार पत्र उपलब्ध कराए जाएं। इसके अलावा बच्चों की उम्र और कक्षा के अनुरूप मनोरंजक एवं बाल मनोविज्ञान पर आधारित पत्रिकाएं भी पुस्तकालय में उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
हर विद्यालय को 10 महीने तक मिलेंगे 500 रुपये प्रतिमाह
समाचार पत्र एवं बालोपयोगी पत्रिकाओं की व्यवस्था के लिए प्रत्येक पीएमश्री विद्यालय को 10 महीने तक हर महीने 500 रुपये, यानी कुल 5,000 रुपये दिए जाएंगे। प्रदेश में कुल 1,565 पीएमश्री विद्यालय हैं।
सरकार का मानना है कि बच्चों को केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें समाज, देश और दुनिया में घट रही घटनाओं से जोड़ना जरूरी है। समाचार पत्र पढ़ने से विद्यार्थियों की शब्दावली बढ़ेगी, भाषा कौशल मजबूत होगा और उनमें स्वतंत्र रूप से लिखने की आदत विकसित होगी।
आलोचनात्मक सोच विकसित करने में मिलेगी मदद
समाचार पत्रों के नियमित पठन से विद्यार्थियों में क्रिटिकल थिंकिंग यानी आलोचनात्मक सोच विकसित करने में भी मदद मिलेगी। बच्चे समाचारों को पढ़कर उनके बारे में सवाल कर सकेंगे, विभिन्न घटनाओं को समझ सकेंगे और अपनी राय बनाने का अभ्यास करेंगे।
पुस्तकालयों को मजबूत करने के लिए 20 हजार रुपये
पीएमश्री योजना के तहत चयनित परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में पुस्तकालयों को मजबूत करने के लिए प्रति विद्यालय 20 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से पुस्तकालय कक्ष के लिए आवश्यक फर्नीचर और अन्य सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी।
पुस्तकालय एवं समाचार पत्रों की व्यवस्था के लिए कुल 3.91 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) विद्यालय की आवश्यकता के अनुसार इस धनराशि से पुस्तकालय के लिए फर्नीचर आदि की खरीद कर सकेगी।
रीडिंग कल्चर पर विभाग का जोर
बेसिक शिक्षा विभाग पहले से ही विद्यालयों में पठन संस्कृति (रीडिंग कल्चर) विकसित करने पर जोर दे रहा है। शैक्षिक सत्र के एकेडमिक कैलेंडर में भी रीडिंग गतिविधियों को विशेष महत्व दिया गया है।
अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा 13 मई को जारी पत्र में विद्यालयों में पठन संस्कृति को मजबूत करने तथा विद्यार्थियों के बीच समाचार पत्रों के पठन-पाठन को अनिवार्य किए जाने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए थे। अब इन निर्देशों के तहत पीएमश्री विद्यालयों में नियमित समाचार पत्र पठन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
