रोती बच्ची पर महिला आरक्षी सुलेखा की पड़ी नज़र , सीसीटीवी और पुलिस टीम की मदद से तलाश हुई पूरी
आगरा। ताजमहल घूमने के लिए हापुड़ से आगरा आई महिला पर्यटक नगमा उस समय घबरा गईं, जब उनकी चार वर्षीय बेटी अनायरा ताजमहल के पश्चिमी प्रवेश द्वार के पास परिवार से बिछड़ गई। बच्ची के लापता होने के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई।
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इसी दौरान पश्चिमी प्रवेश द्वार पर तैनात महिला आरक्षी सुलेखा की नजर रोती हुई मासूम पर पड़ी। उन्होंने बच्ची को संभाला और तत्काल थाना ताज सुरक्षा की क्विक रिस्पांस टीम को इसकी सूचना दी।
उच्चाधिकारियों के निर्देशन में क्विक रिस्पांस टीम ने बिना समय गंवाए बच्ची के परिजनों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, रेडियो अनाउंसमेंट, आरटी सेट मैसेज तथा मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों की मदद से बच्ची की मां की तलाश तेज कर दी।
पुलिस की तत्परता और बेहतर समन्वय के चलते महज 30 मिनट के भीतर बच्ची की मां नगमा को खोज लिया गया। इसके बाद चार वर्षीय अनायरा को सकुशल उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया।
बेटी को सकुशल सामने देखकर मां नगमा के चेहरे पर चिंता की जगह खुशी लौट आई। उन्होंने ताज सुरक्षा पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार के लिए पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।
ताज सुरक्षा पुलिस की तत्परता की सराहना
इस पूरे घटनाक्रम में ताज सुरक्षा पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम ने जिस तत्परता से कार्रवाई की, उससे एक बार फिर यह संदेश सामने आया कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित सहायता भी बेहद महत्वपूर्ण है।
पुलिस टीम में शामिल रहे:
उपनिरीक्षक पंकज सिंह पटेल, आरक्षी आशु एवं महिला आरक्षी सुलेखा।
ताजमहल परिसर में बिछड़ी मासूम को महज 30 मिनट में उसकी मां से मिलाने की इस कार्रवाई की पर्यटक और स्थानीय लोगों ने सराहना की।
