13 से 17 सितंबर तक अरुण जेटली स्टेडियम में होंगे तीन मुकाबले, डीडीसीए ने पिच से लेकर खिलाड़ियों और दर्शकों की सुविधा तक पूरी तैयारी का किया दावा
नई दिल्ली। संवाददाता – सादिक जलाल। भारत के खिलाफ आगामी तीन मैचों की श्रृंखला के लिए अफगानिस्तान क्रिकेट टीम जब नई दिल्ली पहुंचेगी तो उसे घरेलू मैदान से दूर होने का अहसास न हो, इसके लिए दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) ने पूरी तैयारी कर ली है। डीडीसीए के सचिव अशोक शर्मा ने कहा कि अफगानिस्तान के साथ दिल्ली क्रिकेट का रिश्ता नया नहीं है और संघ की कोशिश रहेगी कि मेहमान टीम को हर स्तर पर सहयोग और बेहतर माहौल मिले।
भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की श्रृंखला 13 से 17 सितंबर के बीच खेली जाएगी। श्रृंखला के तीनों मुकाबले नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में आयोजित होंगे। अफगानिस्तान इन मुकाबलों के लिए दिल्ली को अपने घरेलू मैदान के रूप में इस्तेमाल करेगा।
अशोक शर्मा ने कहा कि डीडीसीए के लिए यह केवल अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की मेजबानी का विषय नहीं है, बल्कि अफगानिस्तान की टीम को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना भी है, जिसमें वह खुद को सहज महसूस करे। उन्होंने कहा कि मेहमान टीम को दिल्ली में हर संभव सुविधा देने के लिए संघ पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने कहा, “मेहमान हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता हैं। हम नहीं चाहते कि उन्हें ऐसा लगे कि वे अफगानिस्तान में हैं या भारत में। अफगानिस्तान के साथ डीडीसीए का संबंध वर्षों पुराना है। यदि वे यहां आकर दिल्ली को अपना घरेलू मैदान बनाते हैं तो यह हमारे लिए खुशी और सम्मान की बात है।”
अफगानिस्तान के साथ पुराना जुड़ाव
डीडीसीए सचिव ने कहा कि अफगानिस्तान क्रिकेट के साथ दिल्ली का रिश्ता लंबे समय से चला आ रहा है। भारत में अपने घरेलू मुकाबले खेलने के दौरान अफगानिस्तान को डीडीसीए का सहयोग मिलता रहा है और आगे भी संघ अपनी जिम्मेदारी निभाता रहेगा।
अशोक शर्मा ने कहा कि अफगानिस्तान ने दिल्ली को अपने घरेलू मैदान के तौर पर चुना है तो डीडीसीए इसे केवल एक आयोजन के रूप में नहीं देखता। टीम को जिस तरह की भी सहायता की जरूरत होगी, संघ उसके लिए उपलब्ध रहेगा।
उन्होंने कहा, “अफगानिस्तान ने यहां अपना घरेलू मैदान बनाया है और हम उनकी मदद कर रहे हैं। उन्हें जिस भी तरह के सहयोग की आवश्यकता होगी, हम उनके साथ खड़े हैं। हमारी कोशिश यही रहेगी कि उनकी पूरी श्रृंखला सुचारू रूप से आयोजित हो और उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।”
दिल्ली के दर्शकों को भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का इंतजार
भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाली इस श्रृंखला को लेकर दिल्ली के क्रिकेट प्रेमियों में भी उत्साह है। अशोक शर्मा ने कहा कि अफगानिस्तान की टीम विशेष रूप से टी-20 क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है और दिल्ली के दर्शकों को उसके खिलाड़ियों को अपने मैदान पर करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा, “अफगानिस्तान टी-20 क्रिकेट में बहुत अच्छा खेल रहा है। दिल्ली के दर्शक क्रिकेट देखना पसंद करते हैं और उन्हें इस टीम को अपने मैदान पर खेलते देखने का अच्छा अवसर मिलेगा। हमारा प्रयास रहेगा कि खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शकों को भी एक बेहतरीन अनुभव मिले।”
तीन मैचों के लिए तैयार किए गए 10 विकेट
कम समय के भीतर तीन मुकाबलों की मेजबानी को देखते हुए पिच की तैयारी भी डीडीसीए के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अशोक शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अरुण जेटली स्टेडियम की पिचों में लगातार सुधार हुआ है और इस बार भी मुकाबलों के लिए विकेट तैयार हैं।
उन्होंने बताया कि डीडीसीए के पास पर्याप्त संख्या में विकेट हैं, जिससे लगातार तीन मैच आयोजित करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
अशोक शर्मा ने कहा, “हमने 10 विकेट तैयार किए हैं, इसलिए लगातार तीन मैच कराने में कोई समस्या नहीं होगी। दिल्ली प्रीमियर लीग के बाद तीनों विकेटों को श्रृंखला के लिए तैयार किया गया है और सभी मुकाबलों के लिए वे समय पर तैयार रहेंगे।”
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली की पिचों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय बदलाव आया है। पहले विकेटों को लेकर शिकायतें होती थीं, लेकिन डीडीसीए के ग्राउंड स्टाफ और प्रबंधन की लगातार मेहनत से स्थिति में काफी सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा, “पिछले साल हमें सर्वश्रेष्ठ पिच का पुरस्कार मिला था। पहले हम खुद कहते थे कि विकेट अपेक्षा के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं, लेकिन पिछले पांच वर्षों में पिचों की गुणवत्ता लगातार बेहतर हुई है।”
उन्होंने भरोसा जताया कि अफगानिस्तान और भारत के बीच होने वाले मुकाबलों के लिए ऐसे विकेट उपलब्ध कराए जाएंगे, जिन पर अच्छा टी-20 क्रिकेट देखने को मिलेगा।
अशोक शर्मा ने कहा, “तीनों विकेट अच्छे टी-20 मुकाबलों के लिए उपयुक्त होंगे। जो दर्शक इन बड़े मैचों को देखने स्टेडियम आएंगे, उन्हें निश्चित रूप से अच्छा क्रिकेट देखने को मिलेगा।”
दिल्ली प्रीमियर लीग से युवा खिलाड़ियों को मिल रहा लक्ष्य
अफगानिस्तान श्रृंखला के अलावा अशोक शर्मा ने दिल्ली क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों के लिए तैयार किए जा रहे ढांचे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) ने युवा क्रिकेटरों के सामने आगे बढ़ने का एक स्पष्ट लक्ष्य रखा है।
उनके अनुसार, जिस तरह देश के विभिन्न हिस्सों में युवा क्रिकेटरों का सपना आईपीएल तक पहुंचने का होता है, उसी तरह दिल्ली के खिलाड़ियों के लिए डीपीएल एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है।
उन्होंने कहा, “अब बच्चों के सामने डीपीएल खेलने का लक्ष्य है। पूरे देश में एक क्रिकेटर आईपीएल खेलना चाहता है, उसी तरह दिल्ली में खिलाड़ियों को अपनी मेहनत और प्रदर्शन साबित करने के लिए डीपीएल का मंच मिला है। इससे युवाओं में आगे बढ़ने की इच्छा और प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ी हैं।”
107 संबद्ध इकाइयों से तैयार हो रहे खिलाड़ी
अशोक शर्मा ने बताया कि दिल्ली में खिलाड़ियों को तैयार करने की प्रक्रिया केवल डीपीएल तक सीमित नहीं है। डीडीसीए से जुड़ी बड़ी संख्या में इकाइयां और क्लब वर्षों से युवा क्रिकेटरों को तैयार करने में जुटे हैं।
उन्होंने कहा कि डीडीसीए के साथ 107 संबद्ध इकाइयां जुड़ी हुई हैं। इन क्लबों से निकलने वाले खिलाड़ी पूरे साल अलग-अलग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं, जिससे उन्हें लगातार प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलने का अवसर मिलता है।
उन्होंने बताया, “हमारे साथ 107 संबद्ध इकाइयां हैं, जो वर्षों से खिलाड़ियों को तैयार कर रही हैं। बच्चे पहले अपने क्लबों से खेलते हैं। इसके बाद पूरे वर्ष लीग और दूसरी प्रतियोगिताएं होती रहती हैं। इन प्रतियोगिताओं में करीब 1,800 से 2,000 बच्चे हिस्सा लेते हैं।”
उनका कहना था कि इस तरह की नियमित प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों की क्षमता को पहचानने और उन्हें उच्च स्तर के क्रिकेट के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
महिला क्रिकेट को भी लगातार बढ़ावा
डीडीसीए अब महिला क्रिकेट के लिए भी अधिक अवसर तैयार करने पर जोर दे रहा है। अशोक शर्मा ने बताया कि इस वर्ष लड़कियों के लिए भी लीग शुरू की गई है, जिसे पूरे साल संचालित करने की योजना है।
उन्होंने कहा, “इस वर्ष हमने लड़कियों के लिए भी लीग शुरू की है। अब यह लीग पूरे वर्ष चलेगी। जिस जिम्मेदारी को पहले लोग आगे बढ़कर नहीं ले रहे थे, अब उसे आगे ले जाने का काम किया जा रहा है।”
उन्होंने कहा कि महिला क्रिकेट को लेकर समाज और अभिभावकों की सोच में भी पिछले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव आया है। अब परिवारों को यह समझ में आने लगा है कि लड़कियों के लिए भी क्रिकेट में भविष्य और करियर की संभावनाएं मौजूद हैं।
अशोक शर्मा ने कहा, “पहले लोगों को लगता था कि लड़कियों के लिए क्रिकेट में न तो पर्याप्त अवसर हैं और न ही भविष्य। लेकिन पिछले पांच-छह वर्षों में जागरूकता काफी बढ़ी है। अब माता-पिता भी समझ रहे हैं कि लड़कियों के लिए क्रिकेट में अच्छा भविष्य हो सकता है।”
प्रदर्शन के आंकड़ों से होगी खिलाड़ियों की पहचान
डीडीसीए खिलाड़ियों की पहचान की प्रक्रिया को भी अधिक पारदर्शी और प्रदर्शन आधारित बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके लिए पूरे वर्ष खिलाड़ियों के प्रदर्शन का कंप्यूटरीकृत रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।
अशोक शर्मा ने बताया कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आंकड़ा एक डेटाबेस में सुरक्षित रखा जाता है और नीलामी अथवा चयन की प्रक्रिया के दौरान इसी जानकारी का इस्तेमाल किया जाता है।
उन्होंने कहा, “सबसे बड़ी बात यह है कि हमारे पास पूरे वर्ष का कंप्यूटरीकृत डेटा रहता है। जब नीलामी की तैयारी होती है तो इसी डेटाबेस को देखा जाता है और खिलाड़ियों को नीलामी के लिए भेजा जाता है।”
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में डीडीसीए इस व्यवस्था को और अधिक प्रदर्शन आधारित बनाने की कोशिश करेगा। उनका लक्ष्य है कि खिलाड़ी की पहचान उसकी मेहनत, आंकड़ों और मैदान पर प्रदर्शन के आधार पर हो।
उन्होंने कहा, “आने वाले समय में हम दिल्ली के जिला संगठन के माध्यम से प्रदर्शन आधारित नीलामी की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। हमारी कोशिश होगी कि खिलाड़ियों के चयन में प्रदर्शन को सबसे अधिक महत्व मिले और दूसरे कारकों की भूमिका कम से कम हो।”
अफगानिस्तान की मेजबानी से लेकर युवा और महिला क्रिकेटरों के लिए नए अवसर तैयार करने तक, डीडीसीए दिल्ली क्रिकेट के दायरे को व्यापक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। एक ओर अरुण जेटली स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की तैयारी चल रही है, वहीं दूसरी ओर क्लब स्तर से लेकर डीपीएल तक युवा प्रतिभाओं को आगे लाने की प्रक्रिया को मजबूत किया जा रहा है।
