दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों की रिपोर्ट का हवाला देकर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने मांगे सुधारात्मक कदम
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़े फैसलों पर चुनाव आयुक्तों की कथित आपत्तियों की रिपोर्ट सामने आने के बाद आयोग के कामकाज को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि SIR राष्ट्रीय मुद्दा बनने से पहले भी उनकी पार्टी और अन्य लोगों की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायतें उठती रही हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में परिसीमन उनके लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है और उनकी राय में इस प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल थे।
मुख्यमंत्री ने परिसीमन की प्रक्रिया पर राजनीतिक लाभ पहुंचाने का आरोप भी लगाया और इसे लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी परिस्थितियों को संविधान पर हमला नहीं माना जाता, तो फिर इसे किस रूप में देखा जाए। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों का भी समर्थन किया।
10 महीने में 14 आपत्तियों की रिपोर्ट
यह बयान द इंडियन एक्सप्रेस की उस जांच रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें कहा गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 मौकों पर चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट में कहा गया कि ये आपत्तियां SIR, मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने और संबंधित प्रक्रियाओं से जुड़े मामलों में दर्ज की गई थीं।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इन घटनाक्रमों से चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार से इस मामले में सुधारात्मक कदम उठाने की अपेक्षा जताई।
चुनाव आयोग ने अपने फैसलों को बताया वैधानिक
वहीं, चुनाव आयोग ने इन आरोपों और रिपोर्ट को लेकर कहा है कि उसके आधिकारिक आदेशों को संवैधानिक और कानूनी आधार प्राप्त है तथा निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया का पालन किया जाता है। आयोग ने यह भी कहा कि उसके निर्णयों में अलग-अलग विचार या टिप्पणियां आना संस्थागत निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव प्रक्रिया के प्रति जनता का भरोसा बेहद महत्वपूर्ण है और इस भरोसे को बनाए रखने के लिए आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए।
Times of Taj
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