RJD नेता ने CEC ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर साधा निशाना, संवैधानिक संस्थाओं के इस्तेमाल का लगाया आरोप
पटना। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार संवैधानिक संस्थाओं का अपने राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल कर रही है।
तेजस्वी यादव ने यह बयान चुनाव आयोग के भीतर दो चुनाव आयुक्तों द्वारा कुछ फैसलों पर आपत्ति दर्ज किए जाने संबंधी रिपोर्ट सामने आने के बाद दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 मौकों पर मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने-बहाल करने और चुनावी रिकॉर्ड से जुड़े फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं।
तेजस्वी ने चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि SIR सहित चुनावी प्रक्रियाओं में मनमाने तरीके से फैसले लिए गए। उन्होंने दावा किया कि इन प्रक्रियाओं का राजनीतिक असर पड़ा है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में स्वतंत्र प्रमाण का उल्लेख नहीं किया गया है।
बिहार और पश्चिम बंगाल में दोबारा चुनाव की मांग
तेजस्वी यादव ने बिहार और पश्चिम बंगाल में नए सिरे से चुनाव कराने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों के बीच दोनों राज्यों में दोबारा मतदान कराया जाना चाहिए।
उन्होंने चुनाव से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की अवधि में हुए बदलाव को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि इससे भविष्य में चुनावी प्रक्रिया पर उठने वाले सवालों के लिए उपलब्ध साक्ष्यों पर असर पड़ सकता है। साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े किए।
चुनाव आयोग ने आरोपों पर क्या कहा?
वहीं, चुनाव आयोग ने चुनाव आयुक्तों के बीच कथित मतभेदों को लेकर कहा है कि बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था में अलग-अलग राय, टिप्पणियां और सुझाव निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। आयोग के मुताबिक SIR सहित उसके अंतिम फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
चुनाव आयोग की ओर से यह भी कहा गया है कि आंतरिक विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग मत सामने आना संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है और अंतिम आदेश निर्धारित कानूनी एवं संवैधानिक प्रक्रिया के तहत जारी किए जाते हैं।
Times of Taj
डिस्क्लेमर: इस खबर में दिए गए दावे और बयान संबंधित स्रोतों के अनुसार हैं। Times of Taj इनकी स्वतंत्र पुष्टि का दावा नहीं करता। तथ्यात्मक त्रुटि होने पर सत्यापन के बाद आवश्यक सुधार किया जाएगा।
