कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने 2026 के विधानसभा चुनाव और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए राज्य में दोबारा विधानसभा चुनाव कराने की मांग की है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की भी मांग की।
ममता बनर्जी ने बुधवार को एक फेसबुक लाइव के दौरान कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव SIR से पहले की पुरानी मतदाता सूची के आधार पर दोबारा कराया जाना चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब निर्वाचन आयोग की SIR प्रक्रिया और आयोग के भीतर कथित असहमति को लेकर राजनीतिक बहस तेज है।
बनर्जी ने आरोप लगाया कि BJP और ज्ञानेश कुमार के बीच मिलीभगत के कारण बंगाल विधानसभा चुनाव प्रभावित हुआ। उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए CEC की गिरफ्तारी और आपराधिक कार्रवाई की मांग दोहराई। ये आरोप ममता बनर्जी के हैं और इनके संबंध में कोई स्वतंत्र न्यायिक निष्कर्ष इस रिपोर्ट में नहीं माना जा रहा है।
चुनाव परिणामों का क्या रहा था आंकड़ा?
2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के घोषित परिणामों के अनुसार BJP ने 293 में से 207 सीटें जीतीं, जबकि TMC को 80 सीटें मिलीं। बहुमत के लिए 147 सीटों की आवश्यकता थी।
ममता बनर्जी की ताजा मांग ऐसे समय सामने आई है जब SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने और अपीलों को लेकर भी मामला चर्चा में है। निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान हटाए गए 27.16 लाख नामों में से 22 लाख से अधिक मतदाताओं ने पुनर्बहाली के लिए अपील की है। आयोग ने यह भी कहा है कि हटाए गए नामों में मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाताओं सहित विभिन्न श्रेणियां शामिल थीं।
आयोग की प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
ममता बनर्जी की मांग उस मीडिया रिपोर्ट के बाद आई है जिसमें दावा किया गया कि निर्वाचन आयोग के दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले महीनों में SIR और मतदाता सूची प्रबंधन से जुड़े कुछ फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। वहीं निर्वाचन आयोग का कहना है कि SIR समेत उसके फैसले पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम बंगाल के चुनाव, SIR प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की निर्णय प्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दिए गए दावे और बयान संबंधित स्रोतों के अनुसार हैं। Times of Taj इनकी स्वतंत्र पुष्टि का दावा नहीं करता। तथ्यात्मक त्रुटि होने पर सत्यापन के बाद आवश्यक सुधार किया जाएगा।
