नई दिल्ली: प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित रेस कोर्स मस्जिद को छह दिन के भीतर खाली करने के नोटिस को लेकर विवाद बढ़ गया है। AIMIM प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस मामले में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। वहीं, जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने नोटिस को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।
मस्जिद को खाली करने के लिए दी गई छह दिन की समय-सीमा ने धार्मिक स्थल और उससे जुड़े कानूनी अधिकारों को लेकर बहस तेज कर दी है। ओवैसी ने केंद्रीय मंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर संबंधित पक्षों की चिंताओं पर ध्यान देने की अपील की है।
दूसरी ओर, जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला किया है। संगठन के मुताबिक, वह नोटिस के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख करेगा। अब मामले में न्यायिक प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों के रुख पर नजर रहेगी।
फिलहाल अहम सवाल यह है कि नोटिस किस कानूनी आधार पर जारी किया गया है और अदालत में इस मामले पर क्या निर्णय होता है। नोटिस जारी करने वाले प्राधिकरण का पक्ष और अदालत की आगे की कार्रवाई इस विवाद की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होगी।
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