अंबाला/जालंधर (मजहर): अंबाला के नजदीक स्थित गांव मिल्क धान कोटा में मस्जिद को शहीद करने के विवाद ने बड़ा रूप ले लिया था, लेकिन हरियाणा वक्फ बोर्ड के त्वरित हस्तक्षेप के बाद मामला शांतिपूर्ण तरीके से सुलझा लिया गया। आरोपित व्यक्ति, जिसने मस्जिद पर जेसीबी चलवाकर नुकसान पहुंचाया था, ने गांव की भरी पंचायत में अपनी गलती स्वीकार की और वक्फ बोर्ड के सामने यह वचन दिया कि वह मस्जिद को दोबारा बनाने में होने वाला पूरा खर्च सहन करेगा।
हरियाणा वक्फ बोर्ड अंबाला के स्टेट अफसर अयाज़ महमूद ने बताया कि जैसे ही उन्हें मस्जिद तोड़ने की सूचना मिली, उन्होंने तुरंत एक्शन लेते हुए वक्फ बोर्ड के स्टाफ मोहम्मद असलम, मोहम्मद दानिश, मोहम्मद मोअज्जम और मोहम्मद तनवीर को मौके पर भेजा। टीम ने स्थानीय थाना पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, वहीं हरियाणा वक्फ बोर्ड के एडमिनिस्ट्रेटर चौधरी जाकिर हुसैन ने सख्त एक्शन लिया जिसके बाद गांव के बुजुर्गों और गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में पंचायत बैठी गई और दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
समझौते में आरोपित पक्ष ने लिखित तौर पर यह भी वादा किया है कि मस्जिद की बाउंड्री वॉल पूरी करवाकर देंगे और आगे किसी तरह की दखलंदाजी या नुकसान नहीं करेंगे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “मस्जिद आपकी है, आप संभालिए — हम इसमें आपका पूरा सहयोग करेंगे।”
इस मौके पर इलाके के कई जिम्मेदार लोग और धार्मिक नेतृत्व भी मौजूद रहा, जिनमें जमीअत उलेमा-ए-हिंद के सदस्य मौलाना इलियास कासमी, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य पीर जी हाफिज हुसैन अहमद बुड़िया, यमुनानगर, कारी मुहम्मद यामीन कासमी सरावां, नाजिम भाई गदौली, अब्दुल सत्तार समेत अनेक सामाजिक प्रतिनिधि शामिल थे। इन सभी ने मस्जिद के पुनर्निर्माण के निर्णय का स्वागत किया और गांव में अमन-चैन बनाए रखने की अपील की।
हरियाणा वक्फ बोर्ड अंबाला के स्टेट अफसर अयाज़ महमूद ने कहा कि हरियाणा वक्फ बोर्ड की तत्परता और स्थानीय नेतृत्व के सहयोग से एक बड़ा विवाद शांतिपूर्वक समाप्त हो गया। अब गांव के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि मस्जिद जल्द ही अपने पूर्व स्वरूप में दोबारा आबाद होगी और यह घटना आपसी समझदारी व संवाद की मिसाल बनकर सामने आएगी।

