मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना को मिली मंजूरी, 6,000 वर्गमीटर सरकारी भूमि महिला कल्याण विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में महिला सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया। मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के तहत वाराणसी में 500 क्षमता वाले अत्याधुनिक महिला छात्रावास के निर्माण के लिए 6,000 वर्गमीटर सरकारी भूमि महिला कल्याण विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
यह भूमि वर्तमान में हरिजन इंडस्ट्रियल गवर्नमेंट, उत्तर प्रदेश सरकार के नाम दर्ज है, जिसे अब महिला कल्याण विभाग के नाम स्थानांतरित किया जाएगा। छात्रावास का निर्माण 100 प्रतिशत राज्य सरकार के वित्त पोषण से कराया जाएगा।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि प्रदेश के बजट में 7 महिला छात्रावासों के निर्माण का प्रावधान किया गया था। इससे पहले झांसी, आगरा, मेरठ और गोरखपुर के लिए मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि अब वाराणसी के लिए भी प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है।
प्रदेश में निजी, सरकारी और औद्योगिक क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही महिला कार्यबल की जरूरतों को देखते हुए सरकार सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती छात्रावासों का नेटवर्क विकसित कर रही है। इन छात्रावासों का उद्देश्य कामकाजी महिलाओं को कम लागत पर सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है।
महिला कल्याण विभाग इस योजना का संचालन ‘नॉन-कॉमर्शियल, नो प्रॉफिट-नो लॉस’ सिद्धांत पर करेगा, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को इसका लाभ मिल सके।

