लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रहे मानव-बंदर संघर्ष पर लगाम लगाने के लिए योगी सरकार ने अनोखी और दूरदर्शी पहल की है। अब बंदरों को आबादी वाले इलाकों से दूर रखने के लिए प्रदेशभर में ‘कपि वन’ विकसित किए जाएंगे। इन विशेष वनों में फलदार पेड़ों का रोपण कर बंदरों के लिए ऐसा प्राकृतिक आवास तैयार किया जाएगा, जहां उन्हें पूरे वर्ष भोजन उपलब्ध हो सके।
21 जुलाई को ‘एक पेड़ मां के नाम’ पौधारोपण महायज्ञ-2026 के तहत सभी नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के बाहरी क्षेत्रों में कम से कम एक हेक्टेयर भूमि पर ‘कपि वन’ स्थापित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य बंदरों को प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराकर उन्हें शहरों और रिहायशी इलाकों में आने से रोकना है।
प्रदेश में बंदरों के हमलों, लोगों के घायल होने और फसलों व संपत्ति को होने वाले नुकसान की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। दूसरी ओर, शहरी क्षेत्रों में भोजन की तलाश में भटकने वाले बंदरों को भी सुरक्षित आवास नहीं मिल पाता। इसी समस्या का स्थायी समाधान तलाशते हुए सरकार ने यह अभिनव योजना शुरू की है।
इन ‘कपि वन’ में आम, जामुन, अमरूद, बेल, गूलर, कटहल, बेर, शहतूत, अंजीर, पीपल और बड़हल जैसे फलदार एवं छायादार वृक्ष लगाए जाएंगे। पौधों का चयन इस प्रकार किया गया है कि हर मौसम में किसी न किसी पेड़ पर फल उपलब्ध रहें और बंदरों को भोजन के लिए शहरों का रुख न करना पड़े।
वन विभाग, नगर विकास विभाग और आवास विभाग के संयुक्त प्रयास से संचालित यह योजना केवल बंदरों के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे शहरी क्षेत्रों के आसपास हरित पट्टी का विस्तार होगा, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और जैव विविधता भी मजबूत होगी।

