नई दिल्ली/दोहा। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच यह बड़ा दावा सामने आया है कि क़तर में तैनात अमेरिका का एक अत्याधुनिक लंबी दूरी का रडार सिस्टम हमले में निष्क्रिय हो गया है। बताया जा रहा है कि यह रडार करीब 5000 किलोमीटर तक की गतिविधियों पर निगरानी रखने में सक्षम था और पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र को कवर करता था।
हालांकि इस दावे को लेकर अभी तक न तो ईरान और न ही संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, क़तर में अमेरिकी सैन्य ठिकाने रणनीतिक रूप से बेहद अहम माने जाते हैं, जहां उन्नत एयर डिफेंस और रडार सिस्टम तैनात हैं।
क्या है रणनीतिक महत्व?
क़तर में मौजूद अमेरिकी बेस क्षेत्र में मिसाइल, ड्रोन और हवाई गतिविधियों की निगरानी के लिए प्रमुख केंद्र माने जाते हैं। यदि ऐसे किसी रडार सिस्टम को नुकसान पहुंचा है, तो इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन पर पड़ सकता है।
आधिकारिक पुष्टि का इंतज़ार
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात में कई दावे और प्रतिदावे सामने आ रहे हैं। किसी भी सैन्य उपकरण के “पूरी तरह ध्वस्त” होने की पुष्टि तकनीकी जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही मानी जाती है।
Times of Taj अपने पाठकों से अपील करता है कि इस तरह की संवेदनशील खबरों को साझा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि का इंतजार करें।

