माननीय जिला जज ने त्वरित संज्ञान लेते हुए दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश
आगरा। दीवानी कचहरी परिसर में एक तरफ जहाँ शोक का माहौल था, वहीं दूसरी ओर अराजक तत्वों द्वारा एक वरिष्ठ अधिवक्ता के चैम्बर पर अवैध रूप से कब्जा करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित अधिवक्ताओं ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश से मिलकर लिखित शिकायत कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला ?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आगरा सिविल कोर्ट में पिछले 40 वर्षों से अधिक समय वकालत कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता विपिन कपूर और बलवीर सिंह का एक ही चैम्बर है। जिनका रिश्ता पिता पुत्र के समान है ।एडवोकेट विपिन कपूर जी का निधन 26 फरवरी 2026 को हो गया था। बलवीर सिंह उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे।इस कारण चैम्बर नहीं जा पाए थे ।
नाम हटाकर अपना नाम लिखा:
पीड़ित अधिवक्ता बलवीर सिंह ने बताया कि जब वह अगले दिन, 27 फरवरी की सुबह अपने चैम्बर पर पहुँचे, तो वहां का दृश्य देखकर हैरान रह गए। आरोप है कि कुछ लोगों ने चैम्बर के बाहर लगा उनके नाम का पुराना बोर्ड उखाड़ कर फेंक दिया और दीवार पर अभिषेक, विकास, पवन और अशोक के नाम लिख दिए गए।
जिला न्यायाधीश से कार्रवाई की मांग:
इस घटना से वकीलों में भारी रोष है। प्रार्थी अधिवक्ता बलवीर सिंह और विवेक कुमार जैन (अधिवक्ता) ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश को प्रार्थना पत्र सौंपकर बताया कि:
* अराजक तत्वों द्वारा चैम्बर पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की गई है।
* सबूत के तौर पर वहां लिखे गए नामों की फोटो प्रति भी संलग्न की गई है।
* प्रार्थना पत्र की प्रतियाँ संबंधित बार एसोसिएशन को भी भेजी गई है ।
*प्रार्थना पत्र की प्रति दीवानी स्थित पुलिस चौकी एफ आई आर दर्ज करने के लिए दी गई है ।
जिला न्यायाधीश ने लिया त्वरित संज्ञान :
इस घटना की सूचना मिलने के बाद जिला न्यायाधीश माननीय संजय कुमार मालिक ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिला अदालत के नोडल अधिकारी अपर जिला जज माननीय अमरजीत जी और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट माननीय मृत्युंजय श्रीवास्तव को पीड़ित के चेंबर पर निरीक्षण के लिए भेजा और चैम्बर की दीवारों पर लिखे गए नामों को हटवाकर पुनः पूर्व की स्थिति बहाल करने के आदेश दिए।दोनों न्यायाधीशों ने अपने सामने ही अनाधिकृत रूप से लिखे गए नामों को रंग से पुतवाया।होली अवकाश के कारण कोई अराजक तत्व फिर कोई घटना को अंजाम देने के कोशिश न करें इस कारण वहाँ पर सुरक्षा दल की तैनाती की गई है ।
अधिवक्ताओं का कहना है कि कचहरी परिसर के भीतर इस तरह की घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। पिछले कुछ समय से दीवानी परिसर में एक ऐसा अराजक तत्वों का समूह सक्रिय है जो इस प्रकार की लगातार घटनाएं कर रहा है ।उन्होंने मांग की है कि दोषियों के विरुद्ध अविलंब सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

