लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सुफ़ियान क़ुरैशी ने वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान के समर्थन में बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि एक ऐसे शख़्स को, जिसने स्वयं से अधिक अपनी क़ौम का भला सोचा, आज कटघरे में खड़ा किया जा रहा है।
सुफ़ियान क़ुरैशी ने कहा कि आज़म ख़ान का एकमात्र गुनाह यह था कि उन्होंने शिक्षा का सपना देखा और उसे पूरा किया। मो. अली जौहर विश्वविद्यालय उनके उसी सपने की ताबीर है, लेकिन इसके लिए उन्हें राजनीतिक साज़िशों और दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने स्वर्गीय अज़ीज़ क़ुरैशी की भूमिका का भी उल्लेख किया, जो उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मिज़ोरम के राज्यपाल रह चुके हैं। क़ुरैशी ने बताया कि जब अज़ीज़ क़ुरैशी उत्तर प्रदेश के राज्यपाल थे, तब उन्होंने मो. अली जौहर विश्वविद्यालय को वह मंज़ूरी दिलाई, जिसे दो पूर्व राज्यपाल आठ वर्षों तक रोकते रहे थे।
सपा नेता ने साफ़ कहा कि आज़म ख़ान ने कभी किसी का हक़ नहीं छीना और न ही किसी को दुख पहुँचाया। उनका केवल यह कसूर है कि उन्होंने मज़लूमों को शिक्षा और इज़्ज़त देने का कार्य किया। उन्होंने इसे इंसाफ़ और शिक्षा की लड़ाई बताया, जो किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है।
सुफ़ियान क़ुरैशी ने विश्वास जताया कि सच्चाई की जीत अवश्य होगी और न्याय लौटकर आएगा। उन्होंने कहा कि राजनीति की धुंध चाहे कितनी भी गहरी क्यों न हो, इंसाफ़ लौटकर आएगा और सरफ़रोशी की दास्तान बनकर सामने आएगा।
गौरतलब हो कि सपा राष्ट्रीय सचिव सुफ़ियान क़ुरैशी को स्वर्गीय अज़ीज़ क़ुरैशी का राजनीतिक वारिस माना जाता है और वह समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी माने जाते हैं।
अंत में उन्होंने शेर पढ़ते हुए अपना समर्थन दोहराया:
“बातिल से दबने वाले ऐ आसमान नहीं हम,
सौ बार कर चुका है तू इम्तिहान हमारा।”

