आगरा के मातृ दुग्ध बैंक को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प, IAP के शिशु रोग विशेषज्ञ बोले—“हर बूंद अमृत, हर दुग्धदाता मां जीवनदाता”
आगरा। किसी नवजात की जिंदगी उस समय संकट में आ जाती है, जब जन्म के बाद वह अपनी मां का दूध नहीं पी पाता। ऐसे में किसी दूसरी मां द्वारा स्वेच्छा से दान किया गया मातृ दुग्ध उसके लिए जीवन की डोर बन सकता है। इसी मानवीय संदेश को समाज के हर परिवार तक पहुंचाने और मातृ दुग्धदान को जन-आंदोलन बनाने के उद्देश्य से प्रताप नगर स्थित श्री चंद्रभान साबुन वाले सेवा ट्रस्ट द्वारा संचालित मुंशी पन्ना मातृ दुग्ध बैंक में इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP), आगरा चैप्टर के सहयोग से मातृ दुग्ध बैंक की नीतिगत समीक्षा एवं संचालन को लेकर महत्वपूर्ण संगोष्ठी आयोजित की गई।
संगोष्ठी में देश के विभिन्न शहरों में सफलतापूर्वक संचालित मदर मिल्क बैंकों के अनुभवों और उनके मॉडल पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि मां का दूध नवजात के लिए पहला पोषण, पहली सुरक्षा और प्रकृति का सबसे अनमोल उपहार है। यदि किसी चिकित्सकीय कारण से मां अपने शिशु को स्तनपान नहीं करा पाती है, तो निर्धारित वैज्ञानिक प्रक्रिया से सुरक्षित किया गया डोनर मदर मिल्क नवजात के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
समय से पहले जन्मे बच्चों के लिए बेहद महत्वपूर्ण
IAP आगरा चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल ने कहा कि जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करना और छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध देना उसके स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि समय से पहले जन्मे, कम वजन वाले और गंभीर रूप से बीमार नवजातों के लिए डोनर मदर मिल्क बेहद उपयोगी हो सकता है।
IAP की कोषाध्यक्ष डॉ. स्वाति द्विवेदी ने कहा कि मां का दूध संक्रमण से सुरक्षा, बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता तथा शिशु के शारीरिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सुझाव दिया कि मातृ दुग्ध बैंक में प्रशिक्षित काउंसलर की नियुक्ति की जाए, जो प्रसूताओं को भावनात्मक एवं वैज्ञानिक जानकारी देकर इच्छुक माताओं को अतिरिक्त दूध दान के लिए प्रेरित कर सकें।
डॉ. शुभिका गर्ग ने कहा कि समाज में अभी भी मदर मिल्क बैंक के प्रति पर्याप्त जागरूकता नहीं है। अस्पतालों, नर्सिंग होम और चिकित्सकों को प्रसूताओं एवं उनके परिवारों को मातृ दुग्धदान के महत्व तथा इसकी वैज्ञानिक प्रक्रिया के बारे में जानकारी देनी चाहिए।
“यह केवल स्वास्थ्य सेवा नहीं, मानवता की सेवा है”
श्री चंद्रभान साबुन वाले सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल (एडवोकेट) ने कहा कि मुंशी पन्ना मातृ दुग्ध बैंक केवल स्वास्थ्य सेवा नहीं, बल्कि समाज की संवेदनशीलता, सहयोग और मानवीय मूल्यों का प्रतीक है। ट्रस्ट का संकल्प है कि आगरा का कोई भी जरूरतमंद नवजात मातृ दुग्ध के अभाव में जीवन संकट का सामना न करे।
मदर मिल्क बैंक के कोऑर्डिनेटर राजकुमार गर्ग ने बताया कि बैंक में मातृ दुग्ध का संग्रह, परीक्षण, पाश्चुरीकरण और सुरक्षित भंडारण निर्धारित वैज्ञानिक मानकों के अनुसार किया जाता है। चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार यह दूध नवजातों को उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने स्वस्थ माताओं से इस जीवनरक्षक अभियान का हिस्सा बनने की अपील की।
मुंबई और सूरत के मॉडल पर भी हुई चर्चा
संगोष्ठी में मुंबई और सूरत में सफलतापूर्वक संचालित मदर मिल्क बैंकों के मॉडल पर भी विस्तार से चर्चा हुई। चिकित्सकों ने सुझाव दिया कि वहां लागू दिशा-निर्देशों और मानकों का आगरा में भी पूर्ण अनुपालन किया जाए, जिससे मातृ दुग्ध बैंक का संचालन और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाया जा सके।
विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि मातृ दुग्धदान से संबंधित निर्णय हमेशा चिकित्सकीय दिशा-निर्देशों के अनुसार ही किए जाने चाहिए और प्रत्येक दाता की उपयुक्तता का निर्धारित मानकों के अनुसार परीक्षण किया जाना आवश्यक है।
अस्पतालों के साथ मिलकर चलेगा जागरूकता अभियान
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स और मुंशी पन्ना मातृ दुग्ध बैंक संयुक्त रूप से शहर के अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, प्रसूति केंद्रों, सामाजिक संस्थाओं और जनसंचार माध्यमों के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएंगे।
उद्देश्य यह है कि अधिक से अधिक परिवार मातृ दुग्ध बैंक की उपयोगिता को समझें और जरूरतमंद नवजातों तक सुरक्षित मातृ दुग्ध पहुंचाया जा सके।
संगोष्ठी के बाद चिकित्सकों ने केंद्र में संचालित कोल्ड चेन प्रणाली का निरीक्षण किया। ट्रस्ट के उपाध्यक्ष रमेश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि अब तक 45 बच्चों को मातृ दुग्ध उपलब्ध कराया जा चुका है, जबकि 175 माताओं का दुग्ध बैंक में प्राप्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि केंद्र में आवश्यक निर्धारित व्यवस्थाएं एवं मानक 15 अगस्त तक पूर्ण रूप से लागू कर दिए जाएंगे।
कार्यक्रम का संचालन सचिन गोयल ने किया।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधा बंसल, डॉ. अल्का सेन, डॉ. अनिल अग्रवाल, डॉ. अरुण जैन, डॉ. संजय सक्सेना, डॉ. पायल मित्तल, डॉ. अंशु अग्रवाल, मदर मिल्क बैंक के कोऑर्डिनेटर राजकुमार गर्ग, राकेश गर्ग, निधि अग्रवाल, हृदेश बंसल, कांता महेश्वरी, राजीव जैन आदि उपस्थित रहे।

