ढाका। बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की अध्यक्ष बेगम खालिदा ज़िया का लंबी बीमारी के बाद 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन से बांग्लादेश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है। पार्टी नेताओं और समर्थकों ने इसे देश की राजनीतिक इतिहास की एक बड़ी क्षति बताया है।
खालिदा ज़िया लंबे समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं और इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। वे बांग्लादेश की राजनीति में दशकों तक केंद्रीय भूमिका में रहीं और तीन बार प्रधानमंत्री रहीं। उनके नेतृत्व में BNP ने देश की राजनीति को नई दिशा दी।
दिलचस्प बात यह है कि उनके निधन से ठीक एक दिन पहले सोमवार को बोगुरा-7 संसदीय सीट के लिए उनका नामांकन पत्र दाखिल किया गया था। पार्टी प्रमुख की ओर से यह नामांकन BNP के सलाहकार हेलालुज्जामान तालुकदार लालू ने दोपहर करीब 3 बजे डिप्टी कमिश्नर और रिटर्निंग ऑफिसर तौफीकुर रहमान के कार्यालय में जमा कराया था। यह घटनाक्रम उनके सक्रिय राजनीतिक जुड़ाव का अंतिम उदाहरण माना जा रहा है।
खालिदा ज़िया का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा। वे न सिर्फ सत्ता में रहीं, बल्कि लंबे समय तक विपक्ष की मजबूत आवाज़ भी बनीं। उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।
उनका अंतिम संस्कार और शोक कार्यक्रमों की घोषणा पार्टी की ओर से बाद में की जाएगी।

