आगरा,। ऐतिहासिक महान सूफी संत ख्वाजा शेख सैय्यद फातिहउद्दीन बल्खी अल्मारूफ ताराशाह चिश्ती साबरी रहमतुल्लाह अलैह के पांच दिवसीय 427वें जश्न-ए-उर्स व सर्वधर्म सम्मेलन के तीसरे दिन दरगाह मरकज़ साबरी कंपाउंड, आगरा क्लब, आगरा में श्रद्धा व आस्था के साथ विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
सरकार, प्रशासन एवं छावनी परिषद द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए दरगाह मरकज़ साबरी के सज्जादानशीन पीरज़ादा इमरान अली शाह, कासिम अली शाह, नायब सज्जादानशीन बुंदू खां चिश्ती साबरी तथा अखिल भारतीय सर्वधर्म एकता संगठन के सदस्यों ने सैकड़ों जायरीन, हाजरीन और मुरीदीन के साथ मिलकर मजार-ए-मुबारक का गुलाब जल से गुस्ल (स्नान) कराया। इसके उपरांत सन्दल व इत्र पेश कर गुलपोशी की गई।
सभी उपस्थित जनों ने देश भारत की एकता, भाईचारे और अमन-चैन के लिए विशेष दुआ की।
मुशायरे में गूंजा सूफियाना कलाम
धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात भव्य मुशायरे का आगाज़ किया गया, जिसमें बाहरी एवं स्थानीय शायरों ने शिरकत कर अपने कलाम पेश किए। इस दौरान एक शेर को विशेष सराहना मिली—
“रोज़े पे तुम्हारे में आका फरियाद सुनाने आया हूँ,
जो ज़ख्म दिए हैं दुनिया ने वो ज़ख्म दिखाने आया हूँ।”
गणमान्य जनों की उपस्थिति
इस अवसर पर उर्स कमेटी व अखिल भारतीय सर्वधर्म साबरी एकता संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्यगण— दीपक कुमार, पीरजादा अनीस साबरी, पीरजादा आरिफ साबरी, परमजीत सिंह, शराफत हुसैन, दिनेश बघेल, हाफिज अब्दुल रज्जाक, पुरुषोत्तम साबरी, तरुण साबरी, करुण साबरी, मदन साबरी, छोटू साबरी, नूर मोहम्मद, हाशिम साबरी, पीर मोहम्मद, जमील साबरी, नाजिम साबरी, डॉ. रतन सिंह, अनिल साबरी, जय सिंह साबरी, कुलदीप, गुलशन, अरमान, संजू साबरी, रानी सिंह, माया देवी साबरी, सोनिया, नगीना सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
जश्न-ए-उर्स के अवसर पर दरगाह परिसर में आस्था, एकता और सूफियाना माहौल की अद्भुत झलक देखने को मिली।

