भाजपा के वरिष्ठ नेता मिथुन चक्रवर्ती ने हाल ही में एक बयान में कहा कि भारत में आने वाले हिंदुओं को नागरिकता देकर मतदान का अधिकार दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल हिंदुओं तक सीमित है, और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भारत में रहने वाले मुसलमान भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें।
चक्रवर्ती ने इस अवसर पर यह भी कहा कि यह कदम भारतीय नागरिकता कानून (CAA) और देश में धर्म-आधारित प्रवासियों के मसले पर चल रहे विमर्श का हिस्सा है। उनका कहना था कि भारत में सभी नागरिकों, चाहे वे किसी भी धर्म या समुदाय से हों, के अधिकार सुरक्षित रहेंगे।
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह बयान आगामी चुनावों में मतदाताओं के दृष्टिकोण को प्रभावित कर सकता है और नागरिकता तथा वोटिंग अधिकार पर चल रहे बहस में नई चर्चा को जन्म देगा।

