लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में सक्रिय रहने के लिए प्रेरित करते हुए कहा है कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने बच्चों को संबोधित एक पत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया। उन्होंने लिखा, “मेरे प्यारे बच्चो, नया शैक्षणिक सत्र आरंभ हो रहा है। आप सभी को स्वर्णिम भविष्य की ढेर सारी शुभकामनाएं।”
उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे नए सत्र में अपनी रुचि के विषयों, खेल और विद्यालय की गतिविधियों में पूरे मनोयोग से भाग लें और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक चलने वाला स्कूल चलो अभियान इसी संकल्प का प्रतीक है, जिसका उद्देश्य हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ना है। उन्होंने कहा, “विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब हर बच्चा पढ़ेगा और आगे बढ़ेगा।”
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्हें अपने उत्तराखंड स्थित विद्यालय जाने का अवसर मिला, जहां से उन्हें जीवन के मूल संस्कार और शिक्षा मिली। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की पहली पाठशाला है।
मुख्यमंत्री ने बच्चों को भगवान श्रीराम के मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप और भगवान श्रीकृष्ण के कर्मयोगी जीवन से प्रेरणा लेने की सलाह दी। साथ ही स्वामी विवेकानंद के सिद्धांतों को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि सकारात्मक सोच और परिश्रम से असंभव लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।
तकनीक के बढ़ते प्रभाव पर उन्होंने बच्चों को सावधान करते हुए कहा कि ‘स्क्रीन टाइम’ कम करें और ‘एक्टिविटी टाइम’ बढ़ाएं। उन्होंने बच्चों से खूब पढ़ने और खेलने की अपील की।
अंत में मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के साथ-साथ आसपास के उन बच्चों को भी विद्यालय तक पहुंचाने का प्रयास करें, जो किसी कारणवश शिक्षा से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर ऐसे परिवारों को जागरूक करना भी समाज की जिम्मेदारी है।

