नई दिल्ली। महिलाओं से दुष्कर्म के गंभीर मामलों में गिरफ्तार नासिक के ज्योतिषी अशोक खरात की पुलिस हिरासत मजिस्ट्रेट कोर्ट ने रविवार को 1 अप्रैल तक बढ़ा दी है।
जांच अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और जब्त किए गए मोबाइल फोन की क्लोन कॉपी का विश्लेषण किया जाना बाकी है। इसके लिए डिजिटल विशेषज्ञों की आवश्यकता है और यह प्रक्रिया आरोपी की मौजूदगी में ही पूरी की जाएगी।
इस मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला से फोन की क्लोन कॉपी प्राप्त कर ली है। अब तक खरात के खिलाफ 10 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से 8 दुष्कर्म से संबंधित हैं।
सहायक सरकारी वकील शैलेंद्र बागाडे ने कोर्ट को बताया कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। आशंका है कि उसने अपने महत्वपूर्ण संपर्कों के नंबर किसी अन्य नाम या उपनाम से सेव कर रखे हैं, इसलिए मोबाइल डेटा की जांच उसके सामने करना जरूरी है।
जांच एजेंसियां आरोपी की चल और अचल संपत्तियों की भी पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों को संदेह है कि कुछ संपत्तियां उसने अपने नाम के अलावा अन्य लोगों के नाम पर भी अर्जित की हो सकती हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि जिस मामले में खरात को गिरफ्तार किया गया, उसमें उसने पीड़िता को पीने के लिए “खारा और कड़वा पानी” दिया था। इसे पीने के बाद पीड़िता को चक्कर आने लगे, जिसके बाद आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
एसआईटी अब उस पदार्थ की भी जांच करेगी और यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि उस पानी में क्या मिलाया गया था।
इस बीच, राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर के आरोपी के चैरिटेबल ट्रस्ट से संबंधों को लेकर सामने आई खबरों पर एसआईटी के वरिष्ठ अधिकारियों ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
वहीं, इस मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी हलचल देखी गई, जहां कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के बीच तीखी बहस हुई।

