नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग करते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए। खेड़ा ने कथित तौर पर अमेरिकी वित्तीय अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े संबंधों को लेकर सवाल उठाए और कहा कि पुरी को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
एएनआई से बातचीत में पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी स्पष्ट रूप से हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 48 घंटों में पुरी ने केवल झूठ बोला है और यह मुद्दा देश की जनता के सामने उठाया जाएगा।
पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में खेड़ा ने पुरी के हालिया साक्षात्कारों की आलोचना करते हुए कहा कि उनका बयान—“अगर कुछ हुआ होता, तो मैं आपको बता देता”—गंभीर सवाल खड़े करता है। खेड़ा ने इसे मंत्री की मानसिकता पर सवाल बताते हुए कहा कि इस तरह की प्रतिक्रिया स्तब्ध करने वाली है।
तथाकथित ‘एपस्टीन फाइल्स’ विवाद का उल्लेख करते हुए खेड़ा ने दावा किया कि इस प्रकरण के चलते सात देशों के नेताओं ने इस्तीफा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरदीप सिंह पुरी का नाम भी सामने आया है।
खेड़ा ने पुरी के उस दावे को भी भ्रामक बताया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब वे पहली बार एपस्टीन से मिलने गए थे तो उन्हें स्थान की जानकारी नहीं थी, क्योंकि एक ड्राइवर उन्हें वहां ले गया था। खेड़ा ने सवाल उठाया कि क्या उस समय हरदीप सिंह पुरी अपरिपक्व थे कि उन्हें स्थिति की गंभीरता का अंदाजा नहीं था।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि यह दावा गलत है कि पुरी केवल एक बार एपस्टीन से मिले थे। उनके अनुसार, पुरी कई बार एपस्टीन से मिले। खेड़ा ने 2008 में एपस्टीन के दोषी ठहराए जाने के बावजूद पुरी द्वारा 2014 में उसके आपराधिक रिकॉर्ड पर संदेह जताने की बात को भी मुद्दा बनाया।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे को राजनीतिक और नैतिक जवाबदेही का प्रश्न मानती है और हरदीप सिंह पुरी से तत्काल इस्तीफे की मांग पर अडिग है।

