दलित-पिछड़े वर्ग को मिलेगा ज्यादा प्रतिनिधित्व, युवाओं और अनुभवी नेताओं के बीच साधा जाएगा संतुलन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में संभावित नेताओं की सूची लगभग तैयार हो चुकी है, जिसे जल्द ही प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय कांग्रेस हाईकमान को सौंपेंगे। मंजूरी मिलते ही अगस्त में नई कार्यकारिणी की घोषणा की जा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, इस बार प्रदेश कार्यकारिणी का आकार पहले से बड़ा होगा। पिछली कार्यकारिणी में 133 सदस्य थे, लेकिन आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को संगठन में जिम्मेदारी देने की योजना बनाई गई है।
पार्टी के पूर्व प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय ने कार्यकारिणी के गठन की प्रारंभिक सूची तैयार कराई थी, लेकिन उनके स्थान पर राजेंद्र पाल गौतम की नियुक्ति के बाद सूची में कई नए नाम जोड़े जाने की संभावना है। प्रभारी बनने के बाद गौतम दो बार प्रदेश मुख्यालय का दौरा कर चुके हैं और संगठन के वरिष्ठ नेताओं के साथ मंथन कर चुके हैं।
कांग्रेस की रणनीति इस बार सामाजिक संतुलन पर केंद्रित है। पार्टी दलित, पिछड़े वर्ग, युवाओं और अनुभवी नेताओं को समान महत्व देकर मजबूत संगठन खड़ा करना चाहती है। माना जा रहा है कि बहुजन समाज पार्टी के कमजोर पड़ते जनाधार को कांग्रेस के साथ जोड़ने की कोशिश भी इसी रणनीति का हिस्सा है।
संगठन विस्तार के साथ कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनहित के मुद्दों पर आंदोलन तेज करने की तैयारी में भी जुटी है। पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं को सड़क पर उतरकर जनता के बीच सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि कार्यकारिणी गठन की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। प्रदेश प्रभारी के साथ अंतिम चर्चा के बाद सूची हाईकमान को भेजी जाएगी और मंजूरी मिलते ही नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी जाएगी।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की यह नई टीम प्रदेश की राजनीति में कितनी नई ऊर्जा भर पाएगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

