वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री K.H. मुनियप्पा की सुरक्षा अनदेखी पर न्याय योद्धा अयाज़ खान अच्छू का निशाना**
अयोध्या। कर्नाटक सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता के.एच. मुनियप्पा की अयोध्या यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सुरक्षा व प्रोटोकॉल में हुई कथित लापरवाही ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।
न्याय योद्धा अयाज़ खान अच्छू ने इस घटना को “लोकतांत्रिक मूल्यों पर आघात” बताते हुए गंभीर आपत्ति दर्ज की और इसे रुदौली के उभरते नेतृत्व को कमतर दिखाने की साजिश करार दिया।

क्या हुआ था?
18 नवंबर को मंत्री के.एच. मुनियप्पा लखनऊ एयरपोर्ट से अयोध्या के रुदौली विधानसभा क्षेत्र स्थित हंसराजपुर पोस्ट के समगरा ग्राम पहुंचे, जहाँ वे कांग्रेस नेता एवं दो बार विधानसभा प्रत्याशी रहे श्री दयानंद शुक्ला के भतीजे के विवाह समारोह में शरीक होने आए थे।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि—
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कार्यक्रम की जानकारी प्रशासन को पूर्व में दे दी गई थी
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इसके बावजूद लखनऊ एयरपोर्ट से लेकर गांव तक न सुरक्षा दी गई, न एस्कॉर्ट, न ट्रैफिक क्लियरेंस
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मुनियप्पा का काफिला सुनसान और असुरक्षित मार्गों से बिना सुरक्षा पहुंचा, जिससे सुरक्षा जोखिम उत्पन्न हुआ
अयाज़ खान अच्छू ने इसे “अभूतपूर्व लापरवाही” बताया और कहा—
“एक मंत्री और अतिथि के सम्मान की यह अनदेखी लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन है।”
कौन हैं K.H. मुनियप्पा?
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7 बार कोलार (कर्नाटक) से लोकसभा सांसद
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1999–2014 तक केंद्र सरकार में रेल, MSME सहित कई मंत्रालयों में राज्य मंत्री
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कर्नाटक सरकार में वर्तमान में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री
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देश के प्रमुख दलित नेताओं में अग्रणी, 1960 के दशक से सक्रिय
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इतने वरिष्ठ नेता की सुरक्षा चूक किसी भी राज्य सरकार के लिए शर्मनाक है।
दयानंद शुक्ला का बढ़ता प्रभाव भी कारण?
अयाज़ खान अच्छू ने आरोप लगाया कि यह घटना रुदौली विधानसभा में कांग्रेस नेता दयानंद शुक्ला की बढ़ती लोकप्रियता को कम करने की चाल हो सकती है।
दयानंद शुक्ला —
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दो बार रुदौली से कांग्रेस प्रत्याशी
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AICC सदस्य
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पूर्व में शीला दीक्षित सरकार में महत्वपूर्ण पद पर रहे
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ग्रामीण अयोध्या में जनाधार तेजी से बढ़ा रहे हैं
अयाज़ खान अच्छू ने कहा—
“स्थानीय सत्ता के संरक्षण में उभरते जननेताओं को रोकने की कोशिश की जा रही है।”
प्रोटोकॉल क्या कहता है?
राज्य सरकार की प्रोटोकॉल सूची के अनुसार किसी भी कैबिनेट मंत्री के लिए—
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सुरक्षा एस्कॉर्ट
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पुलिस पायलट
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रूट क्लियरेंस
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ट्रैफिक नियंत्रण
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प्रशासनिक उपस्थिति
अनिवार्य होता है।
इन सभी का पालन न होना कांग्रेस के आरोपों को बल देता है।
कांग्रेस का रुख
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे इस मुद्दे को—
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विधानसभा,
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संसद,
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तथा राज्य स्तर पर उठाएंगे।
अयाज़ खान अच्छू का बयान—
“यह केवल एक व्यक्ति नहीं, लोकतंत्र की गरिमा का प्रश्न है। यूपी सरकार माफी मांगे और दोषियों पर कार्रवाई करे।”

