नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने सोमवार को 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के दूसरे चरण की घोषणा की। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि यह प्रक्रिया 4 नवंबर 2025 से शुरू होगी। मसौदा मतदाता सूची 9 दिसंबर 2025 को जारी की जाएगी और अंतिम सूची 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। आयोग ने बताया कि बिहार में एसआईआर का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है, जहाँ एक भी अपील लंबित नहीं रही।
इन राज्यों में होगा दूसरा चरण
जिन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में यह विशेष पुनरीक्षण किया जाएगा, उनमें शामिल हैं —
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल।
इनमें से तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में वर्ष 2026 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट किया कि असम में मतदाता सूची के पुनरीक्षण की घोषणा अलग से की जाएगी।
एसआईआर का मुख्य उद्देश्य और महत्व
आयोग के अनुसार एसआईआर का मुख्य उद्देश्य विदेशी अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें मतदाता सूची से बाहर करना है। बांग्लादेश और म्यांमार से लगे सीमावर्ती इलाकों में अवैध प्रवासियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दूसरे चरण में लगभग 51 करोड़ मतदाता शामिल होंगे। आयोग ने राज्य चुनाव अधिकारियों के साथ पहले ही दो दौर की बैठकें कर इस प्रक्रिया की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया है।
दस्तावेजों की सूची जारी
आयोग ने मतदाता सूची संशोधन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची भी जारी की है। इनमें शामिल हैं —
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केंद्र/राज्य सरकार या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के नियमित कर्मचारी या पेंशनभोगी को जारी पहचान पत्र/पेंशन भुगतान आदेश।
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01 जुलाई 1987 से पहले किसी सरकारी संस्था या बैंक/ڈاک خانہ/ایل آئی سی द्वारा जारी कोई प्रमाणपत्र।
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सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र।
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पासपोर्ट, या मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय द्वारा जारी शैक्षणिक प्रमाणपत्र।
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स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, ओबीसी/एससी/एसटी जाति प्रमाण पत्र।
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राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) या परिवार रजिस्टर (जहाँ लागू हो)।
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सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि या मकान आवंटन प्रमाणपत्र।
आधार से संबंधित प्रक्रिया के लिए आयोग के पत्र संख्या 2312025-ईआरएस/खंड-II दिनांक 09.09.2025 के निर्देश लागू होंगे।
बिहार में सफल प्रयोग के बाद अब देशव्यापी विस्तार
आयोग के अनुसार बिहार में मतदाता सूची का पहला चरण शून्य अपीलों के साथ पूरा हुआ और लगभग 7.42 करोड़ मतदाताओं की अंतिम सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की गई। राज्य में मतदान दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होगा तथा मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी।
चुनाव आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया के माध्यम से देश भर में मतदाता सूची की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को नए स्तर पर पहुँचाया जाएगा।

