दिल्ली।उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान 17.7% गणना प्रपत्र जमा न होने के कारण मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) द्वारा केंद्रीय चुनाव आयोग से समय बढ़ाने का अनुरोध किया गया था। आयोग ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए प्रदेश में एसआईआर की समयसीमा 31 दिसंबर तक बढ़ा दी है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि मृतक, स्थानांतरित, अनुपस्थित और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं का पुन: सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए यह विस्तार आवश्यक था। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आयोग को विस्तृत प्रस्ताव भेजा गया था जिसे मंजूरी दे दी गई है।
डिजिटाइजेशन में 99.24% कार्य पूरा
रिणवा ने बताया कि प्रदेश में 99.24 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है। इनमें से 18.85% प्रपत्र असंग्रहीत श्रेणी में पाए गए हैं, जिनमें —
- 8.22% (लगभग 1.27 करोड़) स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता
- 2.98% (45.95 लाख) मृतक मतदाता
- 1.5% (23.69 लाख) दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाता
- 0.62% (9.58 लाख) जिन्होंने प्रपत्र वापस नहीं किए
- 5.49% (84.73 लाख) अनुपस्थित मतदाता शामिल हैं।
अब तक 80.29% प्रपत्र मतदाता या उनके परिवार के हस्ताक्षर सहित वापस प्राप्त हो चुके हैं।
76% से अधिक मैपिंग कार्य पूरा
मतदाताओं से प्राप्त गणना प्रपत्रों की वर्ष 2003 की मतदाता सूची से की जा रही मैपिंग 76% से अधिक पूरी हो चुकी है। सीईओ ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि मैपिंग कार्य को प्राथमिकता देकर जल्द पूरा किया जाए।
नाम न होने पर भरें फॉर्म-6
उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं का नाम वर्ष 2025 की सूची में नहीं है, उन्हें फॉर्म-6 भरवाया जाए। साथ ही 1 जनवरी 2025 को 18 वर्ष के होने वाले युवाओं को भी फॉर्म-6 भरकर मतदाता बनने के लिए प्रेरित किया जाए।
14 जिलों की 132 विधानसभा सीटों और 1,43,509 मतदेय स्थलों पर डिजिटाइजेशन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
असंग्रहीत मतदाताओं की सूची वेबसाइट पर उपलब्ध
सीईओ ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से सत्यापन कार्य में सहयोग की अपील की है। उन्होंने बताया कि 12 दिसंबर तक बूथ लेवल एजेंटों को असंग्रहीत मतदाताओं की सूची उपलब्ध करा दी जाएगी, और यह सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी तथा जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइटों पर भी उपलब्ध रहेगी।

