दो दशक बाद राष्ट्रीय स्तर पर मतदाता सूचियों की बड़ी समीक्षा
नई दिल्ली, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) जल्द ही पूरे देश में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान शुरू करने वाला है। यह पहल लगभग दो दशकों के अंतराल के बाद की जा रही है और हाल ही में बिहार में संपन्न विशेष पुनरीक्षण के बाद इसे राष्ट्रव्यापी स्तर पर लागू किया जा रहा है।
🔹 पहला चरण: पाँच प्रमुख राज्य और केंद्रशासित प्रदेश शामिल
सूत्रों के मुताबिक, अभियान कई चरणों में चलेगा। इसके पहले चरण में पाँच प्रमुख राज्य और केंद्र शासित प्रदेश —असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल — को शामिल किया गया है।संभावना है कि शुरुआती दौर में कुछ अन्य राज्यों को भी जोड़ा जाएगा।
यह प्रक्रिया नवंबर 2025 की शुरुआत में शुरू हो सकती है, विशेष रूप से उन राज्यों में जहाँ विधानसभा चुनाव निकट हैं।
🔹 चुनाव आयोग की उच्चस्तरीय बैठकें
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानीश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पाँचों चुनावी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) के साथ अलग-अलग बैठकें कीं।
इन बैठकों में मतदाता सूची अद्यतन, सत्यापन प्रक्रिया, और डिजिटल पारदर्शिता पर विस्तार से चर्चा हुई।
केरल और कर्नाटक के अधिकारियों ने सुझाव दिया कि स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ही पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू की जाए, लेकिन आयोग ने इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी।
🔹 उद्देश्य: सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना
बैठकों के दौरान चुनाव आयोग ने राज्यों से प्राप्त मतदाता सूचियों के पुराने और नए डेटा के मिलान की समीक्षा की।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि —
पिछली सूची के सभी पात्र मतदाता वर्तमान सूची में मौजूद हों,और नए पात्र मतदाताओं को सही तरीके से जोड़ा जाए।
- मुख्य चुनाव आयुक्त ने निर्देश दिया कि सभी राज्य अपने-अपने स्तर पर SIR की तैयारियों को अंतिम रूप दें और जल्द आयोग को रिपोर्ट भेजें।

