फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार शाम जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में राष्ट्रीय जूनोटिक नियंत्रण कार्यक्रम समिति और राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला टास्कफोर्स की समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) ने जूनोटिक बीमारियों और रेबीज से बचाव के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि रेबीज से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है, और देश में प्रतिवर्ष लगभग 20 हजार लोगों की मौत रेबीज के कारण होती है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लोहिया अस्पताल में एंटी-रेबीज सीरम उपलब्ध है, जबकि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी-रेबीज डोज मौजूद हैं।
जिलाधिकारी ने सभी पालतू जानवरों का समय पर टीकाकरण कराने के निर्देश दिए और स्ट्रीट डॉग्स के टीकाकरण पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को शेल्टर हाउस के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने का आदेश दिया।
आगामी सर्दी को देखते हुए, जिलाधिकारी ने सभी गौशालाओं में ठंड से बचाव के उपाय सुनिश्चित करने और रैन बसेरों को जल्द शुरू करने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास प्राधिकरण, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

