आगरा। रमज़ान के पाक महीने की रौनक के बीच एक दिल खुश कर देने वाली खबर सामने आई है। मोहल्ला निवासी हमज़ा सैफ ने आज अपना पहला रोज़ा रखकर परिवार और आसपास के लोगों को खुशी का मौका दिया। घर में इस अवसर पर खास इंतज़ाम किए गए और इफ्तार के समय दुआओं का दौर चला।
हमज़ा सैफ ने खुशी जाहिर करते हुए कहा,
“मुझे आज बहुत अच्छा लग रहा है। सुबह से रोज़ा रखा है, थोड़ी प्यास लगी लेकिन मैंने सब्र किया। रोज़ा रखकर दिल को सुकून मिल रहा है। मैं कोशिश करूंगा कि पूरे रमज़ान के रोज़े रखूं और नमाज़ भी पाबंदी से अदा करूं।”
पिता मुहम्मद सैफ का बयान
“रमज़ान सिर्फ भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं, बल्कि यह सब्र, शुक्र और इबादत का महीना है। बच्चों को छोटी उम्र से ही रोज़ा और नमाज़ की आदत डालनी चाहिए ताकि उनमें अच्छे संस्कार और इंसानियत की भावना विकसित हो।”
माता हुमा उमरी ने बताया
“रमज़ान बरकतों और रहमतों का महीना है। रोज़ा रखने से सब्र पैदा होता है और गरीबों के दर्द का एहसास होता है। हमें अपने बच्चों को दीनी तालीम के साथ-साथ अच्छे अख़लाक भी सिखाने चाहिए।”
मोहल्ले के लोगों ने भी हमज़ा को पहले रोज़े की ढेर सारी मुबारकबाद दी और उसके उज्जवल भविष्य के लिए दुआएं कीं। रमज़ान के इस मुकद्दस महीने में ऐसे जज़्बे समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं।

