राहुल गांधी के आरोपों पर रिजिजू का पलटवार, कुमारी शैलजा ने दिया करारा जवाब
नई दिल्ली,हरियाणा विधानसभा चुनाव में कथित वोटिंग धांधली को लेकर देश की राजनीति में नया भूचाल आ गया है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ‘एच फाइल्स’ साझा करते हुए दावा किया कि हरियाणा चुनाव में 25 लाख से अधिक वोटों की ‘चोरी’ हुई है।
राहुल गांधी ने कहा, “हमारे पास ‘एच फाइल्स’ शब्द है और यह इस बारे में है कि कैसे एक पूरे राज्य को चुरा लिया गया। हमें लगा था यह कुछ सीटों तक सीमित होगा, पर यह राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक फैला है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसी तरह के अनुभव उन्हें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में भी हुए।
रिजिजू का पलटवार: “देश की विश्वसनीयता पर हमला”
राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी केवल भाजपा को नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक संस्थानों की साख पर भी हमला कर रहे हैं।
रिजिजू ने कहा, “राहुल गांधी सिर्फ भाजपा को नहीं, बल्कि हमारे देश के सिस्टम और इसके इंस्टीट्यूशन की क्रेडिबिलिटी को भी टारगेट कर रहे हैं। यह देश की छवि को कमजोर करने की सोची-समझी साजिश है।”
उन्होंने यहां तक कहा कि भारत और विदेश की कई ताकतें राहुल गांधी को ‘मोहरे’ की तरह इस्तेमाल कर रही हैं ताकि भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुँचाया जा सके।
कांग्रेस का पलटवार: “सच्चाई से भाग रही है सरकार”
#WATCH | Delhi | Responding to Union Minister Kiren Rijiju's comments, Congress leader Kumari Selja says, "These kinds of silly comments are not going to take away from the real issue of 'vote chori' of 25 lakh votes in Haryana elections. The PM and the Election Commission should… https://t.co/BzVgfmI1QR pic.twitter.com/99OKdNom52
— ANI (@ANI) November 5, 2025
रिजिजू के बयान पर कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा, “जब राहुल गांधी सबूतों की बात कर रहे हैं तो सरकार को जांच से डर क्यों लग रहा है?”
शैलजा ने कहा कि सत्ता पक्ष असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है, जबकि राहुल गांधी का उद्देश्य लोकतंत्र की पारदर्शिता को लेकर जनता के बीच सच्चाई लाना है।
सियासी असर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद आने वाले राज्यों के चुनावों और 2026 लोकसभा से पहले ‘इलेक्टोरल ट्रस्ट’ की बहस को और तेज कर सकता है।
वहीं, चुनाव आयोग पर अब दबाव बढ़ सकता है कि वह इस मामले पर औपचारिक प्रतिक्रिया या जांच की घोषणा करे।
(रिपोर्ट: Times of Taj पॉलिटिकल ब्यूरो)

