असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक बार फिर अपने तीखे और बेबाक बयान से राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की हालिया टिप्पणी पर पलटवार करते हुए सरमा ने कहा कि “भारत का प्रधानमंत्री हमेशा एक हिंदू ही होगा।”
उन्होंने ओवैसी के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा, लोकतांत्रिक ढांचा और बहुसंख्यक समाज की आस्था इस वास्तविकता को दर्शाती है। सरमा के अनुसार, भारत का लोकतंत्र सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है, लेकिन देश की सांस्कृतिक पहचान को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। समर्थक इसे भारत की सांस्कृतिक अस्मिता से जोड़कर सही ठहरा रहे हैं, वहीं विपक्ष और आलोचक इसे विभाजनकारी बयान बता रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आने वाले चुनावी माहौल में ध्रुवीकरण को और तेज कर सकता है।
फिलहाल, हिमंता बिस्वा सरमा का यह बयान न केवल असम बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी चर्चा का केंद्र बना हुआ

