रिपोर्ट। तौफीक फारूकी
फर्रुखाबाद। मेला श्री रामनगरिया में जूना अखाड़ा उस समय आकर्षण का केंद्र बन गया, जब जर्मनी और फ्रांस से आए विदेशी नागरिकों ने अखाड़े में पहुंचकर संत समिति के अध्यक्ष महंत सत्यगिरी जी महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
जर्मनी निवासी हेलमंड और फ्रांस निवासी डार्को विलियम ने जूना अखाड़े की व्यवस्थाओं की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि पूरे मेला क्षेत्र में जूना अखाड़ा की व्यवस्था सबसे सुंदर, सुव्यवस्थित और आध्यात्मिक वातावरण से परिपूर्ण है। इस अवसर पर विदेशी मेहमानों ने संतों से अध्यात्म, योग और भारतीय संस्कृति के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी भी प्राप्त की।
जूना अखाड़े में मौजूद संतों ने उन्हें मेला श्री रामनगरिया के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व से अवगत कराया। जर्मनी निवासी हेलमंड ने बताया कि वह पिछले 53 वर्षों से लगातार भारत आ रहे हैं और देश के कई हिस्सों में भ्रमण कर चुके हैं। उन्होंने कहा,
“आज यहां जो शांति और आध्यात्मिक अनुभूति हुई है, उसका शब्दों में वर्णन संभव नहीं। महंत सत्यगिरी जी महाराज से मिलकर अत्यंत प्रसन्नता हुई।”
हेलमंड ने यह भी बताया कि उनके मित्रों ने पहले ही महाराज जी से मिलने की सलाह दी थी। उन्होंने हर वर्ष भारत आने और महाराज जी के सान्निध्य में समय बिताने की इच्छा भी व्यक्त की।
फ्रांस निवासी डार्को विलियम ने कहा कि यह उनका दूसरा भारत दौरा है। उन्होंने बताया,
“दूसरी बार में ही इस अध्यात्म नगरी में आकर महाराज जी से मिलना एक अद्भुत अनुभव रहा।”
डार्को विलियम ने अगले वर्ष फिर आने और कई दिनों तक महाराज जी के साथ रहकर अध्यात्म एवं भारतीय संस्कृति को और निकट से जानने की बात कही।
इस अवसर पर महंत सत्यगिरी जी महाराज ने विदेशी नागरिकों को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और मेला रामनगरिया के इतिहास की विस्तृत जानकारी दी तथा अगले वर्ष पुनः आगमन का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि
“सनातन धर्म की विशेषता यह है कि इसमें सभी धर्मों और संप्रदायों को समान मान-सम्मान दिया गया है।”
कार्यक्रम में फर्रुखाबाद विकास मंच के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा, कोमल पांडे, श्यामेंद्र दुबे, विनीत द्विवेदी, अनिल द्विवेदी, विनीत चौहान, विशाल गंगवार, सागरपुरी, दुष्यंत दीक्षित सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अध्यात्म पर डॉक्यूमेंट्री बना रहे विदेशी मेहमान
जूना अखाड़े में पहुंचे विदेशी नागरिकों ने बताया कि वे अध्यात्म, योग और तपस्या के विषय में जानकारी ले रहे हैं। वे पिछले वर्ष प्रयागराज महाकुंभ में भी शामिल हुए थे, जहां से उन्हें फर्रुखाबाद और मेला श्री रामनगरिया के बारे में जानकारी मिली। ग्रामीण अंचल में आस्था के साथ हो रहे कल्पवास, योग और तपस्या को देखकर वे अत्यंत प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि वे इस विषय पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी बना रहे हैं।

