नई दिल्ली: भारतीय गोल्फ के भविष्य को मजबूत आधार देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए इंडियन गोल्फ प्रीमियर लीग (आईजीपीएल) ने भारतीय गोल्फ संघ (आईजीयू), प्रोफेशनल गोल्फर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (पीजीएआई) और द गोल्फ फाउंडेशन (टीजीएफ) के सहयोग से ‘गोल्फ ग्रोथ इनिशिएटिव’ का औपचारिक शुभारंभ किया। दिल्ली गोल्फ क्लब में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन टेनिस जगत के दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस की उपस्थिति में किया गया। इस पहल का उद्देश्य देश के हर कोने से उभरती प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के तहत गोल्फ को पारंपरिक अकादमियों तक सीमित रखने के बजाय सीधे स्कूलों और खेल के मैदानों तक ले जाया जाएगा, ताकि हजारों बच्चों को पहली बार इस खेल से जोड़ा जा सके। आईजीपीएल ने इसे भारतीय गोल्फ के विकास में एक निर्णायक मोड़ बताते हुए कहा कि अब प्रतिभा की खोज केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गांवों, टियर-२ और टियर-३ शहरों तक पहुंचेगी।
गोल्फ ग्रोथ इनिशिएटिव में भारतीय गोल्फ के दिग्गज खिलाड़ी जीव मिल्खा सिंह, ज्योति रंधावा, शिव कपूर, गगनजीत भुल्लर, एसएसपी चौरसिया और गौरव घई जैसे नामों को मेंटर के रूप में जोड़ा गया है। ये अनुभवी खिलाड़ी युवा प्रतिभाओं को तकनीकी, मानसिक और प्रतिस्पर्धात्मक स्तर पर तैयार करेंगे। इसके साथ ही आईजीपीएल ने द गोल्फ फाउंडेशन के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है, जिसके तहत ग्रासरूट स्तर पर प्रतिभा की पहचान और विकास को गति दी जाएगी।
आईजीपीएल ने इस अवसर पर ओडिशा, गुरुग्राम और आंध्र प्रदेश में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की भी घोषणा की, जिनका संचालन इसी वर्ष से शुरू होगा। ये केंद्र क्षेत्रीय हब के रूप में काम करेंगे, जहां उभरते खिलाड़ियों को पेशेवर स्तर की सुविधाएं, कोचिंग और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल मिलेगा।
आईजीपीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तम सिंह मुंडी ने कहा कि भारतीय गोल्फ तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब समय आ गया है कि ऐसी पीढ़ी तैयार की जाए जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर दबदबा बना सके। उन्होंने कहा कि खेल को स्कूलों और मैदानों तक ले जाना इसलिए जरूरी है ताकि कोई भी प्रतिभा पीछे न छूटे। उन्होंने इस सामूहिक प्रयास के लिए आईजीयू और अमित लूथरा के फाउंडेशन का विशेष रूप से आभार जताया।
भारतीय गोल्फ के दिग्गज और आईजीपीएल आइकन खिलाड़ी जीव मिल्खा सिंह ने कहा कि देश में गोल्फ के विकास के लिए अगली पीढ़ी को सही मार्गदर्शन देना बेहद जरूरी है। उनके अनुसार इस पहल से युवा खिलाड़ियों की सीखने की प्रक्रिया तेज होगी और उन्हें शुरुआती दौर से ही आत्मविश्वास मिलेगा कि वे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनौती दे सकते हैं।
टेनिस आइकन लिएंडर पेस ने इस साझेदारी को ओलंपिक स्तर की सोच से जोड़ते हुए कहा कि भारतीय खिलाड़ियों में विश्व स्तर पर जीतने की पूरी क्षमता है। उन्होंने कहा कि आईजीपीएल के साथ जुड़कर उनका उद्देश्य गोल्फ में ऐसा तंत्र विकसित करना है, जहां प्रतिभा की पहचान शुरुआती उम्र में हो और उसे बेहतरीन ढांचा व संसाधन मिलें।
भारतीय गोल्फ संघ के महानिदेशक मेजर बिभूति भूषण ने इस पहल को भारतीय गोल्फ के लिए निर्णायक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि जब तक गोल्फ स्कूलों, सरकारी विद्यालयों, छोटे शहरों और गांवों तक नहीं पहुंचेगा, तब तक बड़े स्तर की प्रतिभा सामने नहीं आएगी। उन्होंने ‘गोल्फ ऑन व्हील्स’ जैसी अवधारणा की सराहना करते हुए कहा कि आईजीयू इस पहल का पूरा समर्थन करता है।
द गोल्फ फाउंडेशन के संस्थापक अमित लूथरा ने कहा कि आईजीपीएल के साथ साझेदारी से देशभर में बड़े पैमाने पर गोल्फ को स्कूलों और मैदानों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बाधाओं को हटाकर यह सुनिश्चित करना है कि देश के किसी भी कोने से अगला वैश्विक चैंपियन उभर सके।
आईजीपीएल गोल्फ डेवलपमेंट प्रोग्राम को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। ओडिशा, गुरुग्राम और आंध्र प्रदेश में स्थापित होने वाले नए प्रशिक्षण केंद्र इस वर्ष इसकी अगुवाई करेंगे और आने वाले वर्षों में भारत में गोल्फ के दीर्घकालिक विकास के लिए मजबूत नींव रखेंगे।

