फिरोजाबाद। नगर निगम क्षेत्र को स्मार्ट सिटी योजना के तहत शामिल किए जाने के दावे भले ही किए जा रहे हों, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। नगर निगम के वार्ड नंबर 62 की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। विकास के नाम पर यहां केवल उपेक्षा ही देखने को मिल रही है, जिससे यह इलाका शहर के सबसे पिछड़े क्षेत्रों में गिना जाने लगा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में उनका जीवन नारकीय हो गया है। नगर निगम द्वारा हाउस टैक्स और वॉटर टैक्स की वसूली तो नियमित रूप से की जाती है, लेकिन जब समस्याओं के समाधान की बात आती है तो अधिकारी और जनप्रतिनिधि आंखें फेर लेते हैं।
वार्ड की गली नंबर 2, सुपर फाइन रोड पर विशाल के गोदाम से लेकर शाहिद हुसैन के मकान तक जलनिकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। नालियों का अभाव और साफ-सफाई न होने के कारण बिना बारिश के ही यहां जलभराव की स्थिति बनी रहती है। गंदा पानी सड़कों और गलियों में भरा रहने से आवागमन बाधित हो रहा है और लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय निवासी असलम, शाकिब, गुड्डू, मल्लू शाह, अंजुम बेगम, बेबी बेगम, नजमा बेगम और आयशा बेगम ने बताया कि वे कई बार क्षेत्रीय पार्षद और नगर निगम अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं। यहां तक कि धरना-प्रदर्शन भी किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। बच्चों को स्कूल जाने के लिए गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे गिरने, संक्रमण और गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन से जल्द से जल्द जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराकर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।

