10 से 27 अगस्त तक केएमआई में करेंगे हिंदी, भारतीय संस्कृति और इतिहास का अध्ययन
आगरा। डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी हिंदी एवं भाषा विज्ञान संस्थान (केएमआई) और यूक्रेन की तरास शेवचेन्को नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ कीव के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत संचालित स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के अंतर्गत यूक्रेन के दो विद्यार्थी दिआना नेचिपोरूक और कतेरीना कांतोर 10 अगस्त से 27 अगस्त तक केएमआई में हिंदी भाषा का अध्ययन करेंगे।
यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने तथा वैश्विक स्तर पर शिक्षा, ज्ञान और संस्कृति के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान दोनों छात्र हिंदी भाषा का व्यवस्थित अध्ययन करने के साथ-साथ हिंदी साहित्य, भारतीय इतिहास, भारतीय संस्कृति और सामाजिक जीवन की विविधताओं से भी परिचित होंगे। विशेष रूप से तैयार किए गए पाठ्यक्रम में भाषा शिक्षण के साथ भारतीय समाज, पारिवारिक परंपराओं, लोकजीवन, सांस्कृतिक विविधता और भारतीय दर्शन की समझ विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए शैक्षणिक व्याख्यान, कार्यशालाएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विरासत स्थलों का भ्रमण तथा विभिन्न सहभागितापूर्ण गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि आज के वैश्विक परिवेश में अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें वैश्विक दृष्टिकोण, सांस्कृतिक संवेदनशीलता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भावना से भी समृद्ध करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यूक्रेन से आने वाले विद्यार्थी हिंदी भाषा के साथ भारतीय संस्कृति और जीवन-दर्शन को भी गहराई से समझेंगे।
केएमआई के निदेशक प्रो. प्रदीप श्रीधर ने कहा कि यह एमओयू दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग को नई दिशा देगा। इससे विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अध्ययन, शोध और अकादमिक संवाद के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और हिंदी भाषा विश्वभर के विद्यार्थियों को आकर्षित कर रही है तथा भविष्य में यह सहयोग और अधिक व्यापक होगा।
विश्वविद्यालय पहले से ही रूस के तीन प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक सहयोग कार्यक्रम संचालित कर रहा है। यूक्रेन के साथ शुरू हुआ यह नया सहयोग विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम भारत और अन्य देशों के बीच शैक्षणिक, सांस्कृतिक और शोध सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

