लखनऊ में एक दिल छू लेने वाली घटना सामने आई है। कानपुर की रहने वाली मूकबाधिर बच्ची ‘खुशी’, जो न बोल सकती है, न सुन सकती है—3 दिन पहले अकेले ही लखनऊ पहुँच गई क्योंकि उसका सपना था कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले।
🔹 रात में गश्त के दौरान मिली बच्ची
हजरतगंज थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह गश्त पर थे, तभी उनकी नजर इस बच्ची पर पड़ी। रोककर जब बात करने का प्रयास किया गया, तो पता चला कि बच्ची मूकबाधिर है।
🔹 तत्काल थाना लाकर ट्रांसलेटर बुलाया गया
महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इंस्पेक्टर विक्रम सिंह बच्ची को थाने लेकर आए और वहाँ एक विशेषज्ञ ट्रांसलेटर बुलाया गया।
इशारों की भाषा से पता चला कि बच्ची कानपुर से सिर्फ इसलिए आई है क्योंकि उसने योगी आदित्यनाथ की पेंटिंग बनाई है और वह उन्हें देना चाहती थी।
🔹 इंस्पेक्टर का वादा—और निभाया भी
इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बच्ची को इशारों में समझाया:
“बेटा, मुझे कल तक का समय दो… मैं तुम्हें मुख्यमंत्री जी से मिलवाऊंगा।”
और उन्होंने अपना वादा निभाया।
🔹 CM योगी ने बच्ची को आशीर्वाद दिया, तुरंत दिए बड़े आदेश
आज खुशी की मुलाकात माननीय योगी आदित्यनाथ से कराई गई।
बच्ची ने इशारों में अपनी पीड़ा बताई, जिसके बाद CM ने तुरंत आदेश दिया:
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बच्ची के लिए लखनऊ में आवास की व्यवस्था की जाए
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बच्ची का संपूर्ण इलाज मेदांता हॉस्पिटल, लखनऊ में कराया जाए
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CM ने कहा:
“अगर इलाज में करोड़ों भी लग जाएँ, लगाओ। मैं सिर्फ इस बच्ची की आवाज सुनना चाहता हूँ।”
🔹 इंस्पेक्टर विक्रम सिंह—मानवीयता का चेहरा
इस पूरी कहानी में सबसे बड़ा योगदान हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह का है, जिन्होंने न सिर्फ बच्ची को सुरक्षा दी, बल्कि उसे उसके सपने तक पहुंचाया।
सैल्यूट टू इंस्पेक्टर विक्रम सिंह 🫡

