यूपी के बिजनौर में 22 साल के युवक शावेज़ की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में जिलाधिकारी के आदेश पर दो महीने बाद कब्र से शव निकाला गया. दरअसल, मृतक युवक की मां और मौसा पर हत्या कर बिना पोस्टमार्टम शव दफनाने का आरोप लगा था. इसी को लेकर प्रशासन की मौजूदगी में शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.
मामला बिजनौर जिले की चांदपुर तहसील के तिगरी गांव का है। मृतक शावेज़ अपनी मां रूबी और छोटे भाई उवेज के साथ दिल्ली के कसाबपुरा इलाके में रहता था। परिवार वहां बिस्किट का स्टोर चलाता था। परिजनों के मुताबिक, शावेज के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। आरोप है कि रूबी की बहन का देवर कलीम भी अक्सर उनके दिल्ली वाले घर पर आता-जाता रहता था।

परिजनों के अनुसार, 10 मार्च 2026 की रात कलीम घर पर ही रुका था। अगले दिन सुबह छोटा भाई उवेज दुकान पर चला गया। उस समय घर में शावेज, उसकी मां रूबी और कलीम मौजूद थे। इसी दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में शावेज की मौत हो गई। उवेज को दुकान पर ही भाई की मौत की सूचना मिली।
चाचा नसीम का आरोप है कि मां रूबी दिल्ली से शव लेकर गांव पहुंची और एक-दो घंटे के भीतर ही शावेज को दफना दिया गया। परिजनों ने जब मौत का कारण पूछा तो मां कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सकी। इससे परिवार का शक और गहरा गया। बाद में परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने और मौत की वजह पता करने की मांग की।
शक गहराने पर मृतक के चाचा ने जिलाधिकारी से कब्र खुदवाकर जांच कराने की गुहार लगाई थी। इसके बाद शुक्रवार को पुलिस टीम तिगरी गांव पहुंची और मजिस्ट्रेट की निगरानी में शव को कब्र से बाहर निकाला गया। मृतक के चाचा नसीम ने बताया कि शावेज पूरी तरह स्वस्थ था।

चाचा नसीम के अनुसार, कलीम के रूबी के साथ कथित अवैध संबंध थे और इसी कारण परिवार में तनाव की स्थिति बन गई थी। आरोप है कि दिनांक 10-03-2026 से एक रात पहले कलीम घर पर आया और वहीं रुक गया। अगले दिन उवेज के काम पर जाने के बाद घर में मौजूद शावेज ने अपनी मां रूबी को कलीम के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। इस घटना के बाद बदनामी और पोल खुलने के डर से रूबी और कलीम ने मिलकर शावेज की हत्या कर दी।
थाना प्रभारी निरीक्षक हीमपुर दीपा जय भगवान सिंह ने बताया कि युवक के शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

