आगरा, जनपद आगरा के आगरा कैंट क्षेत्र स्थित दयानन्द बाल विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सुल्तानपुरा के खिलाफ एक अभिभावक ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित महिला मिथलेश सोनकर ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, उनकी पुत्री ने सत्र 2025-26 में कक्षा 7 की परीक्षा उक्त विद्यालय से उत्तीर्ण की है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण वह अपनी पुत्री का नाम इस स्कूल से कटाकर किसी सरकारी विद्यालय में दाखिला कराना चाहती हैं।
आरोप है कि जब उन्होंने स्कूल प्रशासन से रिपोर्ट कार्ड (परीक्षाफल) और ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) मांगा, तो विद्यालय ने लंबे समय तक टालमटोल किया। बाद में केवल टीसी दी गई, लेकिन रिपोर्ट कार्ड नहीं दिया गया।
मिथलेश सोनकर का कहना है कि जब वह दोबारा रिपोर्ट कार्ड लेने पहुंचीं, तो स्कूल प्रशासन ने उनसे उनकी पुत्री की मूल टीसी भी वापस ले ली और दबाव बनाकर यह लिखवा लिया कि “मेरी पुत्री पढ़ाई में अच्छी नहीं है और मैं उसे इस स्कूल में पढ़ाने में सक्षम नहीं हूं।”
पीड़िता ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन लगातार उन्हें परेशान कर रहा है और बार-बार चक्कर कटवाकर मानसिक एवं शारीरिक रूप से उत्पीड़न कर रहा है। इस वजह से उनकी पुत्री का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
प्रार्थिया ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर विद्यालय से रिपोर्ट कार्ड और टीसी दिलाई जाए, ताकि उनकी पुत्री का अन्य सरकारी विद्यालय में प्रवेश कराया जा सके।
स्कूल के प्रिंसिपल से संपर्क का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो सका।।
👉 अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करता है और छात्रा को कब तक न्याय मिल पाता है।

