लखनऊ/उत्तर प्रदेश | Times of Taj Desk
उत्तर प्रदेश की सियासत को लेकर Times of Taj के ताज़ा सर्वे ने चौंकाने वाली तस्वीर सामने रखी है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कराए गए इस सर्वे में साफ संकेत मिला है कि जनता अपने मौजूदा विधायकों से बड़े पैमाने पर नाराज़ है।
सर्वे के मुताबिक, प्रदेश के कुल 400 विधायकों में से 354 यानी करीब 88.5% विधायकों को लोग दोबारा उम्मीदवार के रूप में नहीं देखना चाहते। यह आंकड़ा राजनीतिक दलों के लिए गंभीर चेतावनी माना जा रहा है।
👉 पार्टीवार जनता की राय:
▪️ भाजपा के 257 विधायकों में से 226 (लगभग 88%) को दोबारा टिकट देने के खिलाफ राय
▪️ समाजवादी पार्टी के 105 में से 96 विधायक (करीब 91%) जनता की नाराज़गी का सामना कर रहे
▪️ भाजपा सहयोगी दलों के 33 में से 30 विधायक भी जनता को पसंद नहीं
📊 कौन हैं जनता की पसंद?
पूरे प्रदेश में सिर्फ 39 विधायक ही ऐसे हैं, जिन्हें जनता दोबारा चुनाव में देखना चाहती है।
🤔 कुछ नामों पर सस्पेंस बरकरार
करीब 7 विधायकों को लेकर जनता स्पष्ट राय नहीं बना सकी। इनमें शाहजहांपुर के विधायक और प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का नाम भी शामिल है।
⚠️ 2027 से पहले अलर्ट मोड में पार्टियां!
इस सर्वे ने साफ कर दिया है कि अगर राजनीतिक दलों ने टिकट वितरण में बदलाव नहीं किया, तो 2027 का चुनाव कई मौजूदा विधायकों के लिए मुश्किल भरा हो सकता है।

