पटना। बिहार में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कथित व्यवहार को लेकर तीखा राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया है। पटना में आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के कार्यक्रम के दौरान एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब खींचे जाने का वीडियो सामने आने के बाद विपक्ष ने मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
घटना सोमवार की बताई जा रही है, जब मंच पर नियुक्ति पत्र लेने आई एक मुस्लिम महिला डॉक्टर के साथ मुख्यमंत्री द्वारा कथित रूप से सार्वजनिक रूप से हिजाब खींचने की घटना कैमरे में कैद हो गई। वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं।
इस वीडियो को राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। विपक्षी दलों ने इसे महिलाओं के सम्मान और अल्पसंख्यकों की धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है।
उत्तर प्रदेश के कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सार्वजनिक रूप से किसी महिला का हिजाब खींचना उसकी गरिमा, सम्मान और धार्मिक पहचान पर सीधा हमला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा,
“शर्मनाक! एक महिला डॉक्टर का हिजाब खींचना उसकी इज्जत और धार्मिक पहचान पर सीधा हमला है। जब राज्य के मुख्यमंत्री ऐसा करते हैं, तो महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठना स्वाभाविक है।”
आरजेडी ने मुख्यमंत्री की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह आचरण एक लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष राज्य के मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता। वहीं कांग्रेस नेताओं ने भी इस घटना को अत्यंत निंदनीय बताते हुए कहा कि यदि राज्य का सर्वोच्च पदाधिकारी ऐसा व्यवहार करता है, तो आम महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
फिलहाल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद से राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा है और यह मुद्दा बिहार की राजनीति में एक नए विवाद के रूप में उभर कर सामने आया है।

