इमरान प्रतापगढ़ी की पहल को बताया देश में भाईचारे और संविधान बचाने की मजबूत कोशिश
नई दिल्ली। राहुल गांधी ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस के नवनिर्मित मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में आयोजित माइनॉरिटी एडवाइजरी काउंसिल की पहली बैठक में हिस्सा लिया। बैठक का आयोजन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी के नेतृत्व में किया गया।

इस अवसर पर राहुल गांधी ने इमरान प्रतापगढ़ी की पहल की सराहना करते हुए कहा कि देशभर के अल्पसंख्यक समुदायों, सामाजिक संगठनों और कांग्रेस नेताओं को एक मंच पर लाने का यह प्रयास संविधान और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक में देश के मौजूदा सामाजिक और राजनीतिक हालात, संवैधानिक मूल्यों तथा लोकतांत्रिक अधिकारों के सामने उत्पन्न चुनौतियों पर गंभीर चर्चा हुई। परिषद के सदस्यों ने सांप्रदायिक और विभाजनकारी ताकतों द्वारा भाईचारे और लोकतांत्रिक स्वतंत्रता को कमजोर किए जाने पर चिंता जताई।
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि देश में नफरत और डर की राजनीति ज्यादा दिन नहीं चलने वाली। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आर्थिक संकट और बेरोजगारी जैसे मुद्दे भाजपा सरकार की राजनीति को चुनौती देंगे
राहुल गांधी ने कहा, “मुझे पता है कि लोगों को डराया जा रहा है, फंसाया जा रहा है, लेकिन डरने की जरूरत नहीं है। यह देश संविधान से चलेगा, मोहब्बत से चलेगा। कांग्रेस पार्टी हर मजलूम और कमजोर के साथ मजबूती से खड़ी है।”
उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से राजनीति में सक्रिय भागीदारी निभाने और अपनी आवाज लोकतांत्रिक तरीके से बुलंद करने की अपील की। साथ ही इमरान प्रतापगढ़ी और कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग को मजबूत करने का आह्वान किया।
बैठक के आयोजक इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन और बौद्ध समेत सभी अल्पसंख्यक समुदायों को आज निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस पार्टी नफरत और अन्याय के खिलाफ मजबूती से लड़ रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश में हर पीड़ित और कमजोर वर्ग की आवाज बनकर खड़े हैं।
बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से आए अल्पसंख्यक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कांग्रेस पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे और सामाजिक सौहार्द तथा संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प लिया।

