आगरा। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस कार्यसमिति के महासचिव एवं राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने राम मंदिर चंदा और ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर केंद्र सरकार और संबंधित ट्रस्ट पदाधिकारियों से जवाबदेही तय करने की मांग की।
पायलट ने कहा कि यदि ट्रस्ट के गठन और प्रशासनिक व्यवस्था में केंद्र सरकार की भूमिका रही है, तो कथित अनियमितताओं पर जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सब कुछ पारदर्शी था तो संबंधित पदाधिकारियों के इस्तीफे क्यों हुए और स्वतंत्र जांच से परहेज क्यों किया जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े चंदे और चढ़ावे के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि फर्जी रसीदों, नकद चढ़ावे, खर्च और लेखा-जोखा से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। साथ ही उन्होंने कहा कि केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि शीर्ष स्तर की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से जवाब दें।
कथित रूप से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग कर नया पारदर्शी ट्रस्ट गठित किया जाए।
चंदे, चढ़ावे, भूमि खरीद और व्यय का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए।
प्रेसवार्ता का संचालन प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद ने किया। इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष अमित सिंह तथा जिलाध्यक्ष रामनाथ सिकरवार सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित रहे।

