लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के करीब 22 हज़ार मदरसा शिक्षकों को राहत देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ये वे शिक्षक हैं, जो मदरसा आधुनिकीकरण योजना बंद होने के बाद पिछले दो साल से अधिक समय से बेरोजगारी की स्थिति का सामना कर रहे थे।
सरकार अब इन शिक्षकों को मदरसा शिक्षा व्यवस्था के भीतर ही समायोजित करने के विकल्पों पर गंभीरता से काम कर रही है, ताकि उनके अनुभव और सेवा का लाभ शिक्षा प्रणाली को मिल सके।
इस संबंध में अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री से सूत्रों से मिली जानकरी के मुताबिक ने बताया दानिश अली आज़ाद कहा है कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन शिक्षकों के साथ न्याय किया जाएगा और शिक्षा सुधार में उनकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
सरकार के इस फैसले को हजारों शिक्षकों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है, वहीं यह प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में भी अहम साबित हो सकता है।

