तेलंगाना सरकार ने परिवारों को भेजे जाएंगे दो-दो सदस्य अंतिम संस्कार में शामिल होने
मक्का-मदीना हाईवे, सऊदी अरब। सऊदी अरब के मक्का-मदीना हाईवे पर रविवार देर रात हुई सड़क दुर्घटना में 45 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। सभी मृतक उमरा के लिए सऊदी अरब गए थे।
तेलंगाना मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया है कि मृतकों को उनके धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार सऊदी अरब में ही दफनाया जाएगा। प्रत्येक परिवार से दो लोग अंतिम संस्कार में शामिल होने सऊदी भेजे जाएंगे।
हादसे का विवरण
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हादसा मदीना से लगभग 25 किलोमीटर दूर मुहरास के पास हुआ।
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भारतीय समयानुसार रात लगभग 1:30 बजे।
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बस रास्ते में किनारे खड़ी थी, तभी पीछे से तेज रफ्तार फ्यूल टैंकर ने टक्कर मार दी।
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मृतकों में 18 महिलाएं, 17 पुरुष और 10 बच्चे शामिल हैं।
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केवल 1 यात्री जिंदा बचा — मोहम्मद अब्दुल शोएब (24 साल, हैदराबाद)।
परिवारों और मुआवजा
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मृतकों में से 18 एक ही परिवार के थे, जिसमें 9 बच्चे और 9 बड़े शामिल थे। यह परिवार हैदराबाद का रहने वाला था और 22 नवंबर को भारत लौटने वाला था।
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सऊदी कानून के मुताबिक मृतक का शव भारत वापस लाना मुश्किल है, और तुरंत मुआवजा भी संभव नहीं।
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मुआवजा तभी मिल सकता है जब टैंकर ड्राइवर या कंपनी की गलती पुलिस जांच में साबित हो और परिवार कानूनी दावा दायर करे।
सऊदी हज और उमरा मंत्रालय का नोट
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यात्रा शुरू करने से पहले तीर्थयात्रियों को डिक्लेरेशन फॉर्म पर साइन करना पड़ता है।
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फॉर्म में लिखा होता है कि अगर सऊदी की जमीन पर तीर्थयात्रियों की मौत होती है, तो शव वहीं दफनाया जाएगा।
भारत सरकार का प्रावधान
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गैर-तीर्थयात्रियों के मामले में मृतक के कानूनी उत्तराधिकारियों की इच्छा अनुसार शव भारत लाया जा सकता है या सऊदी में दफनाया जा सकता है।

