नई दिल्ली, जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) ने Springer Nature India Research Tour 2025 के अंतर्गत एक प्रतिष्ठित कार्यक्रम की मेज़बानी की। यह पहल भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय एवं भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) के सहयोग से आयोजित की गई थी। विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी संकाय सभागार में संपन्न इस आयोजन में शोधकर्ता, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जहाँ वैश्विक शोध प्रवृत्तियों पर विचार-विमर्श हुआ तथा शैक्षणिक प्रकाशन के भविष्य पर संवाद स्थापित किया गया। यह शोध यात्रा, जो अब अपने तीसरे संस्करण में है, 37 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान है, जो 7 राज्यों के 17 शहरों में स्थित 29 संस्थानों को कवर करता है। उद्घाटन सह फ्लैग-ऑफ समारोह ICSSR कार्यालय में संपन्न हुआ।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में आयोजित कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रिसर्च एम्बेसडर्स का सम्मान समारोह रहा, जिसमें शोध संवाद एवं आउटरीच को सशक्त बनाने में उनके योगदान हेतु उन्हें सम्मानित किया गया। शैक्षिक अध्ययन विभाग, जामिया मिल्लिया इस्लामिया के शोधार्थी इंज़मामुल हक़, एजाज़ अहमद एवं अरमान फातमा को Springer Nature द्वारा “हॉल ऑफ फेम” पुरस्कार प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि विश्विद्यालय सारे संकाय एवं विभाग में इस पहल के अंतर्गत केवल चार शोधार्थियों को यह सम्मान प्राप्त हुआ, जिनमें से तीन शोधार्थी शैक्षिक अध्ययन विभाग, जामिया मिल्लिया इस्लामिया से हैं, जो संस्थान के साथ साथ विभाग की शोध क्षेत्र में बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रमाण है।
इस सम्मान समारोह की गरिमा जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ, कुलसचिव प्रो. महताब आलम रिज़वी, तथा ICSSR एवं शिक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधि की उपस्थिति से और बढ़ गई। उद्घाटन सह फ्लैग-ऑफ समारोह में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सवित्री ठाकुर, Springer Nature के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री फ्रैंक व्रान्केन पीटर्स, Springer Nature India के प्रबंध निदेशक श्री वेंकटेश सर्वसिद्धि, मुख्य प्रकाशन अधिकारी श्री हर्ष जगदीशन, ICSSR के सदस्य सचिव प्रो. धनंजय सिंह, सहित अनेक शिक्षाविद्, शोधकर्ता एवं रिसर्च एम्बेसडर्स उपस्थित रहे। शैक्षिक अध्ययन विभागाध्यक्ष प्रो. कौशल किशोर एवं पी.एच.डी. समन्वयक डॉ. सज्जाद अहमद ने भी शोधार्थियों को बधाई दी और उनके शोध-संस्कृति को सशक्त करने के प्रयासों की सराहना की।
इस आयोजन में संकाय सदस्यों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की उत्साही भागीदारी देखने को मिली, जिसने जामिया मिल्लिया इस्लामिया की उच्च गुणवत्ता वाले शोध, नैतिक शैक्षणिक कार्य और नवाचारपूर्ण ज्ञान प्रसार के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया।

