लखनऊ/नई दिल्ली: ‘न्याय योद्धा’ अयाज़ खान अच्छू ने कहा कि Imran Pratapgarhi की लगातार मेहनत और ज़मीनी सक्रियता ने केरल से लेकर असम और पश्चिम बंगाल तक कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने बताया कि Kerala में इमरान प्रतापगढ़ी को सीनियर ऑब्ज़र्वर बनाकर भेजा गया, जहाँ उन्होंने लगभग 25–26 सीटों पर जनसभाएँ कीं और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित किया। इसका पार्टी को सकारात्मक लाभ मिला और संगठनात्मक मजबूती देखने को मिली।
अयाज़ खान अच्छू के अनुसार Assam में जब Badruddin Ajmal और Asaduddin Owaisi की सक्रियता बढ़ी, तब कांग्रेस ने रणनीतिक रूप से इमरान प्रतापगढ़ी को वहाँ भेजा। उन्होंने करीब 8–9 महत्वपूर्ण सीटों पर केंद्रित प्रचार किया, जिससे कांग्रेस की स्थिति मजबूत हुई।
उन्होंने आगे कहा कि West Bengal में भी इमरान प्रतापगढ़ी की सक्रियता का असर साफ देखने को मिला। फरक्का जैसी सीट पर उनकी बड़ी रैली के बाद कांग्रेस ने खाता खोलने में सफलता हासिल की, जिसे एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
अयाज़ खान अच्छू ने यह भी कहा कि इमरान प्रतापगढ़ी की सबसे बड़ी ताकत उनकी ‘टार्गेटेड सीट’ रणनीति है, जहाँ कम अंतर से जीत-हार तय होती है। यही रणनीति कई जगहों पर निर्णायक साबित हुई।
उन्होंने कहा कि जब जमीनी मेहनत, सटीक रणनीति और लगातार जनसंपर्क एक साथ मिलते हैं, तो उसका असर चुनावी नतीजों में साफ दिखाई देता है।

