कांग्रेस 5 जनवरी से शुरू करेगी ‘एमजीएनरेगा बचाओ आंदोलन’
नई दिल्ली। कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उस पर राज्यों के अधिकारों को कमजोर करने और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनरेगा) को समाप्त करने की साजिश रचने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार के हालिया फैसले भारत के संघीय ढांचे, राज्यों की स्वायत्तता और गरीबों के अधिकारों पर सीधा हमला हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्यों से उनका धन और निर्णय लेने की शक्ति छीन रही है, जिससे न केवल राज्य कमजोर होंगे बल्कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि एमजीएनरेगा केवल एक रोजगार योजना नहीं, बल्कि एक विकास मॉडल और वैचारिक ढांचा है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के हवाले से उन्होंने कहा कि उन्होंने 16 देशों का दौरा किया, जहां भारत की इस योजना को विकास के अधिकार पर आधारित एक नई सोच के रूप में सराहा गया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने बिना किसी अध्ययन और परामर्श के इस योजना को नष्ट करने का फैसला लिया, जैसा कि पहले नोटबंदी के दौरान किया गया था।
राहुल गांधी ने कहा कि एमजीएनरेगा को कमजोर करने से देश के सबसे कमजोर वर्ग—आदिवासी, दलित, ओबीसी, गरीब सामान्य वर्ग और अल्पसंख्यक—सबसे अधिक प्रभावित होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों से छीना गया धन कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस बीच, कांग्रेस द्वारा 5 जनवरी 2026 से प्रस्तावित ‘एमजीएनरेगा बचाओ आंदोलन’ पर राहुल गांधी ने कहा कि पार्टी इस फैसले का पूरी ताकत से विरोध करेगी और उन्हें विश्वास है कि पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट होगा।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में एमजीएनरेगा को बचाने के लिए देशव्यापी आंदोलन शुरू करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 5 जनवरी से इस अभियान की अगुवाई करेगी। खरगे ने कहा कि एमजीएनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त काम के अधिकार की गारंटी है और कांग्रेस महात्मा गांधी का नाम इस योजना से हटाने की किसी भी साजिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी।

