चूरू/20 फरवरी 2026/माह-ए-रमजान का चांद दिखने के साथ ही चुरू में रोजेदारों ने रोजे रखे, बाजार में भी रौनक बढ़ने लगी, इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार साल का 9 वां महीना रमजान का होता है. इस मुकद्दस माह-ए-रमजान को रहमत और बरकत व इबादत वाला महीना कहा जाता है, मान्यता है कि इस महीने में अल्लाह हर नेकी और इबादत के बदले 70 गुना सबाब देता है, नेकी और इबादत का यह पाक महीना कल से शुरू हो चुका है।
उस्मान गन्नी चेजारा ने बताया कि इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक रमजान के मुबारक महीने में 29 या 30 दिन के रोजे होते हैं. यह महीना इबादत, अल्लाह के रहम-ओ-करम का महीना माना गया है, इस मुबारक महीने का लोग साल भर बेसब्री से इंतजार करते हैं, इस महीने का समापन ईद-उल-फितर के साथ होता है।
इब्राहिम चेजारा ने बताया की इबादतों बरकतों रहमतों फजीलतो का पवित्र पाक महिना माह-ए-रमजान के पहले जुम्मे की नमाज मोहल्ला चेजारान स्थित मस्जिद चेजारान में अदा की गई तथा नमाज के बाद देश की तरक्की उन्नति खुशहाली व देश में अमन चैन भाईचारा सोहार्द की दुआ की गई।
जाकीर हुसैन चेजारा ने बताया की आज माह-ए-रमजान का दूसरा रोजा है और पहला जुमा है, माह-ए-रमजान में मोहल्लेवासी इबादत करते हैं रोजा रखते हैं पांच वक्त की नमाज अदा करते हैं राञि के समय इशा की नमाज के साथ अतिरिक्त नमाज तरावीह के रूप में अदा करते हैं तथा जरूरतमंदों की मदद कर पुण्य का कार्य करते हैं।
वसीम चोहान ने बताया की माह-ए-रमजान इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना है, जिसमें पवित्र कुरान नाजिल हुई थी यह आत्मशुद्धि सब्र इबादत और नेकी का महीना है, जहां 30 दिनों के रोजे से अल्लाह के करीब जाने, गुनाहों की माफी और जरूरतमंदों के प्रति सहानुभूति (जकात) का मौका मिलता है। इस महीने इबादत का सवाब (पुण्य) कई गुना बढ़ जाता है।

